राप्ती वुड ग्रींस हाउसिंग परियोजना बौद्ध संग्रहालय के पास सिटी गार्डेनिया के सामने सात एकड़ जमीन में लांच की जाएगी। यहां हर वर्ग के लिए वन, टू और थ्री बीएचके सभी तरह के 300 से अधिक फ्लैट का निर्माण कराया जाएगा। गोरक्ष एन्क्लेव में टू बीएचके एवं थ्री बीएचके के 90 आवास, जबकि राप्ती ग्रींस परियोजना में टू बीएचके एवं थ्री बीएचके के 72 आवास होंगे। यानी तीनों परियोजनाओं में करीब 450 लोगों को आवास मिल सकेगा।
इसी तरह एयरफोर्स स्टेशन के आसपास नो कंस्ट्रक्शन जोन का दायरा घटाकर 100 मीटर करने के बाद सैनिक विहार एवं अन्य कालोनियों में शमन मानचित्र के शुल्क निर्धारण में कमी से जुड़े प्रस्ताव पर बोर्ड ने नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुमति दी है। अब इस मामले में जीडीए उपाध्यक्ष की ओर से पत्र जारी किया जाएगा। बोर्ड बैठक में कमिश्नर के अलावा डीएम विजय किरन आनंद, जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह, सचिव उदय प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता पीपी सिंह, नामित बोर्ड सदस्य दुर्गेश बजाज आदि उपस्थित रहे।
अब एक भूखंड पर पास करा सकेंगे एक से अधिक मानचित्र
गोरखपुर विकास प्राधिकरण या निजी बिल्डर की ओर से विकसित योजनाओं में अभी तक एक भूखंड पर एक ही मानचित्र पास कराने का प्रावधान था। इसकी वजह से बहुत से लोग परेशान थे। सर्वाधिक दिक्कत एक ही परिवार के लोगों को उठानी पड़ रही थी। प्राय: बंटवारे के बाद एक ही भूखंड पर दो भाइयों को मकान बनवाते समय मानचित्र स्वीकृत कराने की जरूरत पड़ती थी, मगर मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पा रहे थे।
इससे जीडीए को भी आर्थिक नुकसान हो रहा था तो वहीं अवैध निर्माण भी बढ़ रहे थे। ऐसे भूखंडों के उपविभाजन का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रखा गया, जिस पर आज मंजूरी मिल गई। अब एक भूखंड पर आसानी से एक से अधिक मानचित्र पास कराए जा सकेंगे।
जीडीए में लंबे समय से लटके इस तरह के कई आवेदनों का अब निस्तारण भी हो सकेगा। फर्टिलाइजर परिसर में प्रस्तावित सैनिक स्कूल के भूखंड का भू-उपयोग बदलने का फैसला बोर्ड द्वारा पूर्व में बाई सर्कुलेशन किया गया था। इस बैठक में इसे बोर्ड के सदस्यों के समक्ष जानकारी के लिए रखा गया।
जीडीए बोर्ड ने रामगढ़ताल परियोजना के तहत गौतम विहार आवासीय योजना एवं गौतम विहार विस्तार आवासीय योजना के बीच प्राधिकरण के ऑडिटोरियम एवं मोटल का रास्ता भी साफ हो गया है। इसके लिए आरक्षित पांच एकड़ भूमि एवं नीर निकुंज के पश्चिम इंदिरा नगर प्राइवेट कॉलोनी से सटे पुलिस स्टेशन के लिए आरक्षित चार एकड़ भूमि का भू उपयोग खुला स्थल (पार्क) से आवासीय करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई।
इसी तरह प्राधिकरण के चार वाहनों को निष्प्रोज्य घोषित कर नीलाम करने एवं चार नए वाहन खरीदने, एक हाइड्रोलिक ट्राली, दो ट्रक, माउंटेड सीवर जेटिंग मशीन एवं एक जेसीबी मशीन क्रय करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी।
बोर्ड बैठक में शासन की ओर से नामित सदस्यों ने जीडीए की परियोजनाओं के शिलापट्ट पर बोर्ड के सदस्यों का नाम भी अंकित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया, इसे भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी। अब जीडीए की सभी परियोजनाओं के शिलापट्ट पर नामित सदस्यों का भी नाम दर्ज होगा।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि जीडीए बोर्ड की बैठक में ग्रुप हाउसिंग के तीन प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही भूखंडों के उपविभाजन पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी है। अब एक भूखंड पर एक से अधिक मानचित्र पास हो सकेंगे। कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी बोर्ड ने मुहर लगाई है।