फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम: गोरखपुर शहर में दूर हुई कूड़े के निस्तारण की समस्या, जानिए क्यों एक सप्ताह तक तैनात रहेगी पुलिस

Fri, 16 Jul 2021 06:25 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

पिछले करीब 10 दिनों पहले एकला बांध पर कूड़ा गिराने से नगर निगम की गाड़ियों को कूड़ा गिराने से रोक दिया। उसके बाद से नगर निगम प्रशासन शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़ा डंप करता रहा।
विज्ञापन
कूड़ा। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की समस्या फिलहाल हल हो गई है। पुलिस बल की मौजूदगी में एकला बांध पर कूड़ा गिराने का काम शुरू कर दिया गया। हालांकि इसके लिए नगर निगम प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगर निगम, जिला प्रशासन के अधिकारियों की पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों से वार्ता के बाद कूड़ा निस्तारण पर सहमति बनी।

विज्ञापन


पिछले करीब 10 दिनों पहले एकला बांध पर कूड़ा गिराने से नगर निगम की गाड़ियों को कूड़ा गिराने से रोक दिया। उसके बाद से नगर निगम प्रशासन शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़ा डंप करता रहा। इसी दौरान शुक्रवार को नगर आयुक्त अविनाश सिंह, एसडीएम, इंफोर्समेंट टीम प्रभारी कर्नल सीपी सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ पहुंची।

ग्रामीणों से कई स्तर की वार्ता के बाद सहमति बन गई। निर्णय लिया कि अब तक जहां कूड़ा गिराया जा रहा था, उससे कुछ दूर आगे कूड़ा गिराया जाएगा। कूड़ा गिराने के बाद रोजाना छिड़काव किया जाएगा। वहां मरे हुए जानवरों को नहीं डाला जाएगा। साथ ही पांच सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो नियमित रूप से वहां सफाई और छिड़काव का काम करेंगे।
विज्ञापन



 

विज्ञापन

एक सप्ताह तक तैनात रहेगी पुलिस

उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीणों के साथ कूड़ा निस्तारण संबंधी समझौता हो जाने के बावजूद नगर निगम प्रशासन ने वहां पुलिस बल की सहायता से एहतियातन कुछ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा कूड़ा लेकर जो भी गाड़ियां आएंगी, उनके साथ पांच सफाई कर्मचारी भी आएंगे, जो कूड़ा गिराने के तत्काल बाद छिड़काव भी कर देंगे।

ग्रामीण की सुविधा के लिए नगर निगम भरेगा छह गड्ढे
नगर निगम एकला बांध से सटे कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े छह गड्ढे भरने की भी हामी भरी है। इससे ग्रामीणों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें