गोरखपुर जिले में सात ब्लॉकों की 46 ग्राम पंचायतों का वजूद बृहस्पतिवार से नहीं रहेगा। इनमें से ज्यादातर पंचायतें नगर निगम और बाकी नगर पंचायतों का हिस्सा बन जाएंगी। इन पंचायतों का वजूद जून में ही खत्म होने वाला था। मगर उनके खाते में बचे हुए धन से विकास कार्य कराने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया था।
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हालांकि अब भी कई पंचायतों के खातों में स्वच्छ भारत मिशन के फंड समेत अन्य मदों की धनराशि बची रह गई है। पंचायतों को इन्हें, जिला मुख्यालय को लौटाना होगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 46 में से करीब 45 पंचायतों के खातों में रकम बची हुई है।
इन 46 ग्राम पंचायतों में से तीन में चरगांवा ब्लॉक का जंगल तिनकोनिया नंबर एक, कैंपियरगंज का चौमुखा और सरदारनगर का भोपा बाजार परफार्मेंस ग्रांट के लिए चयनित भी है।
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इनके खाते में 50-50 लाख रुपये का बजट भी भेजा गया थो जो डीपीआर स्वीकृत नहीं होने की वजह से पूूरा का पूरा बचा हुआ है। पंचायतीराज विभाग का कहना है कि परफार्मेंस ग्रांट की रकम को लेकर अभी शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है।
चरगांवा ब्लॉक में नुरुद्दीनचक, मुड़िला उर्फ मुंडेरा, हरसेवकपुर नंबर दो, गुलरिहा, करमहा, जंगल हकीम नंबर दो, जंगल तिनकोनिया नंबर एक, जंगल बहादुर अली, खोराबार ब्लॉक में सेंदुली-बेंदुली, भरवलिया बुजुर्ग, बड़गो, झरवा, सेमरा देवी प्रसाद, गायघाट बुजुर्ग, जंगल सिकरी, सिक्टौर, कजाकपुर, रामपुर, खोराबार उर्फ सूबाबाजार, भटहट में सोनराइच उर्फ बड़ा गांव, ताजपिपरा, पिपराइच ब्लॉक में रिठिया, मुंडेरी गड़वा, सिधावल, हरखापुर, पिपरा मुगलान, खझवां, भरोहिया ब्लॉक में तिघरा, जंगल बिहुली, जंगल झझवा, जंगल अगही, साहबगंज, बगहीभारी, हरपुर, कोल्हुआ, कैंपियरगंज ब्लॉक में बनभागलपुर, कैंपियरनगर, बसंतपुर, चौमुखा, जनकपुर, सरदारनगर ब्लॉक में चौरा, भगवानपुर, बाल बुजुर्ग, बाल खुर्द, भोपा बाजार, राघोपुर।
डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने कहा कि जिले के सात ब्लॉकों की 46 ग्राम पंचायतें एक अक्टूबर से वजूद में नहीं रहेंगी। इन्हें नगर निगम और नगर पंचायतों की सीमा में शामिल किया जाएगा। ग्राम पंचायत के तौर पर इनके समय विस्तार को लेकर शासन से अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। ऐसे में 30 सितंबर के बाद इन्हें पंचायतीराज विभाग में नहीं माना जाएगा।