मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था उद्घाटन।
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आरएमआरसी (क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र) के पांच मंजिला भवन में नौ लैब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गए हैं। इन लैबों में जीन मैपिंग से लेकर जीवाणुओं पर शोध और वैक्सीन की क्षमता की जांच हो सकेगी। आरएमआरसी के मीडिया प्रभारी डॉ अशोक पांडेय ने बताया कि इसका लोकार्पण सात दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
मीडिया प्रभारी ने बताया कि सभी लैब बीएसएल (बायोसेफ्टी लेवल) टू प्लस की हैं। इन लैबों में एनिमल फेसेल्टी की भी सुविधा है। चूहे, खरगोश व गीनीपिक जैसे जानवर रखे जाएंगे, जिन पर वैक्सीन का परीक्षण हो सकेगा।
इसके अलावा वैक्सीन की क्षमता व उसके प्रभाव की जांच के लिए अब नमूने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी (एनआईवी), पुणे नहीं भेजे जाएंगे। इन लैबों में वैक्सीन की क्षमता और जीन मैपिंग जैसी जांचें हो सकेंगी। यह पूरी तरह से आधुनिक लैब है।