साइबर पुलिस से दो कदम आगे रहने वाले जालसाज इन दिनों बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं। अब जालसाज बिजली बिल का बकाएदार बताकर लोगों को रात में फोन कर रहे हैं। रात आठ बजे के बाद गर्मी-उमस के बीच कॉल करते हैं और बिल न जमा करने पर चंद मिनटों में बिजली काटने की घुड़की देते हैं। यह सुनते ही बुजुर्ग घबरा जाते हैं और ऑन लाइन बिल जमा करने के चक्कर में उनका खाता खाली कर दिया जाता है।
पुलिस ऐसे मामलों में केस दर्ज कर जांच कर रही है। पिछले एक साल में गोरखपुर में अलग-अलग तरीकों से जालसाज दस करोड़ से अधिक रुपयों की जालसाजी कर चुके हैं, लेकिन बरामदगी महज एक करोड़ 20 लाख रुपये की ही हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक, रोज साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। इनमें जालसाज साइबर अपराध के अनेक तरीकों को इस्तेमाल करते हैं, जिनसे अधिकतर लोग अनजान हैं। ठगी को अंजाम देने वाले मामलों में देखा गया है कि अपराधी उन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं जो केवल टेक्नोलॉजी से जुड़ा व्यक्ति ही समझ सकता है।
खासकर बुजुर्ग लोग, जो इससे अंजान है, उसे आसानी से निशाना बना लेते हैं। साइबर अपराधी एक गलती या लापरवाही का फायदा उठाकर आपकी जमापूंजी पर डाका डाल रहे हैं। वहीं, पुलिस भी इसे रोकने में बहुत हद तक सक्षम नहीं हो पाई है।
केस एक
12 सितंबर 2023: शाहपुर इलाके के जेल रोड स्थित मधुसूदन अपार्टमेंट निवासी डॉ. जवाहर लाल के मोबाइल फोन पर जालसाज ने बिजली का फर्जी बिल भेजकर 60 हजार रुपये उड़ा दिए। शाहपुर पुलिस धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। डॉ. जवाहर के मुताबिक, 14 जुलाई की रात 9 बजे के करीब एक अनजान नंबर से बिजली का बिल जमा करने के लिए मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि बिल जमा नहीं करने पर आपके घर की बिजली काट दी जाएगी। इसके बाद जालसाजी हो गई।
केस दो
12 मई 2022: शाहपुर के असुरन गीता वाटिका के डॉक्टर से जालसाजों ने बिजली बिल जमा करने के नाम पर सात लाख 60 हजार रुपये विभिन्न खातों में जमा करा लिए। 70 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. मुखर्जी के पास रात में 8:30 बजे के करीब फोन आया था। फिर उनके खातों का खाली कर दिया गया। इनके पास भी बिजली कटने का संदेश आया था और फिर दस रुपये का पेमेंट किए और फिर खातों से कई बार में रकम जालसाजों ने उड़ा दी। पुलिस ने केस दर्ज किया था।
केस तीन
17 फरवरी 2023 : महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा के मोहम्मदपुर निवासी रामललित गुलरिहा थाने के पास चार पहिया गाड़ी का गैराज चलाते हैं। छह फरवरी को एक नंबर से मोबाइल पर फोन आया कि बिजली मीटर खराब है, इससे बिल ज्यादा आ रहा है। इसे सही कराने के लिए दस रुपये मासिक शुल्क लगेगा। फिर क्रेडिट कार्ड का नंबर पूछा और पहली बार में दस रुपये ही निकाला गया। फिर थोड़ी देर बाद खाते से 38 हजार रुपये की जालसाजी हो गई थी।
ऐसे झांसे में लेते हैं जालसाज
जालसाज खुद को बिजली निगम का अधिकारी बताते हैं। फिर कहा जाता है कि आपका बिल बकाया है, अगर उपभोक्ता यह कहता है कि बिल तो जमा है तो फिर अपडेट करने की बात कही जाती है। फिर उपभोक्ता से इसका शुल्क दस रुपये जमा करने को कहा जाता है। जैसे ही शुल्क कोई जमा करता है, उनके खाते से रकम उड़ जाती है।
वर्तमान में इन तरीकों का ज्यादा इस्तेमाल
- बिजली बिल बकाया के नाम पर भेज रहे मोबाइल फोन पर मैसेज।
- शार्ट टाइम लोन के लिए एप डाउन लोड कराकर हो रही ठगी।
- नौकरी के लिए ऑफर लेटर भेजकर मांग रहे पैसे।
- गर्ल्स को एयर होस्टेज बनाने के लिए फिटनेस चेक कर उनकी फोटो बनाकर रहे ब्लैकमेल।
- व्हाट्सएप और फेसबुक पर दोस्ती कर वीडियो कॉल करके ब्लैकमेंलिंग।
- रिमोर्ट कंट्रोल एप डाउनलोड कराकर ठगी।
- फर्जी शादी डॉट कॉम वेबसाइट बनाकर ठगी।
यहां कर सकते हैं शिकायत
हेल्पलाइन नंबर - 1930
वेबसाइट पर करें शिकायत- cybercrime.gov.in
यह बरतें सावधानी
- अगर, कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
- किसी भी फ्री सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने से पहले सॉफ्टवेयर और वेबसाइट का जरिए देख लें। संबंधित एप से ही खरीदें।
- ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि आपने URL को मैनुअली टाइप किया हो।
- अज्ञात ई-मेल को डाउनलोड ना करें।
- अपने जरूरी फाइल को नियमित बैकअप लेते रहें। ऐसा करने से किसी भी रेनसमवेयर के अटैच से बचा जा सकता है।
- आप अपने जरूरी दस्तावेज को हमेशा एक्सटर्नल ड्राइव में बैकअप लें।
- जब आप ऑफिस छोड़े तो सुनिश्चित करें कि कंप्यूटर बंद हो गया है।
- अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। पासवर्ड की परिधि आठ से 12 अंकों की होनी चाहिए।
- फेसबुक, इंस्ट्राग्राम जैसे सोशल मीडिया अकाउंट के सुरक्षा फीचर को ऑन रखें।
- कस्टमर केयर का नंबर कभी भी दस अंकों का नहीं होता है।
- अपने फोन पर अश्लील फोटो, वीडियो लिंक को न खोले।
- मुफ्त उपहार के चक्कर में कभी भी न पड़े।
- आधार कार्ड को लॉक रखें, जब जरूरत हो तभी अनलॉक करें।
साइबर क्राइम की दुनिया का कोई दायरा नहीं है। कुछ भी मुफ्त नहीं है, हर चीज की कीमत चुकानी होती है, बस यही है कि इसका अंदाजा अपना रकम गंवाने के बाद हो पा रहा है। साइबर अपराध पर आज भी लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। अपनी व्यक्तिगत जानकारियां साझा कर ठगी के शिकार हो रहे हैं। इससे बचने के लिए गोरखपुर पुलिस ने सेफ्टी डाटा प्लान तैयार किया है। कोशिश की जा रही है यह जानकारियां सभी तक पहुंचा दी जाएं।-कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी सिटी
बिजली निगम की तरफ से ऑनलाइन बिजली बिल जमा करवाने के लिए फोन नहीं किया जाता। बिल बकाए की जानकारी दी जाती है और उपभोक्ता को बिजली दफ्तर जाकर भुगतान करने की सलाह दी जाती है। बिलिंग एजेंसी के कर्मचारी घर जाकर बिजली बिल निकलते हैं और उपभोक्ता को देते हैं। ऐसा न करने पर उपभोक्ताओं की बिजली काट दी जाती है। -लोकेंद्र बहादुर सिंह, अधीक्षण अभियंता शहरी