गोरखपुर में खुद को जीडीए कर्मचारी बताकर जालसाजी करने के आरोपी को गोरखनाथ पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठता था और फिर आवंटन का कूटरचित प्रमाणपत्र भी दिया करता था।
पूछताछ में आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। दोनों की तलाश में पुलिस टीम लगी है। आरोपी को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान कैंट इलाके के पीपलडाड़ा कूड़ाघाट निवासी सोनू गुप्ता के रूप में हुई। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश सिंह ने बताया कि रसूलपुर निवासी रविंद्र भारती ने दस जून को जालसाजी का केस दर्ज कराया था। जांच में पता चला कि सोनू गुप्ता ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर कई लोगों से रुपये वसूले हैं।
किसी से तीस हजार, किसी से 50 हजार रुपये तक वसूलने के बाद आवंटन का कूटरचित प्रमाणपत्र भी थमा दिया करते थे। शक न हो इसके लिए जालसाज खुद को जीडीए कर्मी बताते थे और कई बार पीड़ितों को जीडीए गेट पर ही बुलाते थे। दुर्गेश सिंह ने बताया रविवार देर शाम एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में दो अन्य लोगों के नाम सामने आए है, जिनकी तलाश की जा रही है।
इनके साथ हुई थी जालसाजी
रविंद्र भारती से 40 हजार, नेहा खातून से 40 हजार, जेबुन से 40 हजार, पूनम से 40 हजार, दूधनाथ से 50 हजार, किरन से 30 हजार रुपये वसूले गए थे।