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गोरखपुर: एम्स में नौकरी देने के नाम पर करते थे जालसाजी, दंपती पर केस दर्ज कर जांच शुरू

Thu, 02 Sep 2021 09:35 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

 पीड़ित धर्मपुर निवासी त्रिभुवन नाथ ने तहरीर में लिखा है कि 2020 में अनुराग श्रीवास्तव से मुलाकात हुई थी। उसने बताया कि वह पत्रकार है और पत्नी पुलिस विभाग में है। हम दोनों की अच्छी पहुंच है। अगर तुम एम्स में वार्ड ब्वाय की नौकरी करना चाहते हो तो लगवा दूंगा।
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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर एम्स में वार्ड ब्वाय की नौकरी दिलाने के नाम पर जालसाजी करने के मामले में एक दंपती पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपी एक न्यूज चैनल से जुड़ा हुआ है। उसने खुद को पत्रकार बताते हुए अफसरों से तालमेल के हवाले से नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। पुलिस तहरीर के आधार पर जालसाजी और अमानत में खयानत का केस दर्ज कर जांच कर रही है।
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आरोपी अनुराग श्रीवास्तव पत्नी के साथ पीपीगंज की टीचर्स कॉलोनी में रहता है। पीड़ित धर्मपुर निवासी त्रिभुवन नाथ ने तहरीर में लिखा है कि 2020 में अनुराग श्रीवास्तव से मुलाकात हुई थी। उसने बताया कि वह पत्रकार है और पत्नी पुलिस विभाग में है। हम दोनों की अच्छी पहुंच है। अगर तुम एम्स में वार्ड ब्वाय की नौकरी करना चाहते हो तो लगवा दूंगा।

बेरोजगार होने की वजह से मैं झांसे में आ गया। 1 लाख 70 हजार रुपये मार्च 2020 में दे दिए। काफी समय बीतने के बाद जब नौकरी नहीं लगी तो अनुराग टालमटोल करने लगा। इसके बाद बीस-बीस हजार कर दो बार में 40 हजार रुपये लौटाए। अनुराग से फिर रुपये मांगने पर चेक दिया जो बाउंस हो गया। इसके बाद रुपये का तगादा करने पर अनुराग ने कहा कि रुपये नहीं दूंगा, जो करना है कर लो। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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