दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में बृहस्पतिवार को मारपीट के मामले में मुख्य नियंता प्रो. सतीश चंद्र पांडेय ने चार छात्रों को निलंबित कर दिया। साथ ही उनका परिसर में प्रवेश भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। आरोपियों ने पहले छात्र को फोन पर पीटने की धमकी दी और उसके अगले दिन बुरी तरह पीट दिया।
विधि विभाग के तृतीय सेमेस्टर के एक छात्र को 13 दिसंबर की रात किसी बात को लेकर दो छात्रों प्रतीक त्रिपाठी और सत्यम गोस्वामी ने फोन किया। फोन पर ही उसे गाली देते हुए पीटने की धमकी दी गई। अगले दिन प्रतीक त्रिपाठी, सत्यम गोस्वामी अपने दोस्तों शुभम तिवारी एवं अनुराग मौर्या के साथ छात्र को घेर लिया। कैंपस में ही उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। अन्य छात्रों ने किसी तरह बीच-बचाव किया। हालांकि यह विवाद किस बात को लेकर हुआ है, यह अभी साफ नहीं हो सका है।
इसके बाद घायल छात्र ने इसकी शिकायत अपने विभागाध्यक्ष और नियंता से की। नियंता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया है। प्रकरण की जांच एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए विधि विभाग के शिक्षक डॉ. टीएन मिश्र के संयोजकत्व में एक समिति गठित कर दी गई है। समिति में डॉ. प्रभुनाथ प्रसाद और डॉ. हर्ष देव वर्मा शामिल किए गए हैं।