यदि गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र में किसी मोहल्ले में आपका व्यावसायिक या आवासीय प्लॉट खाली पड़ा है। उस प्लाॅट पर मोहल्ले के लोग कचरा डालने के लिए इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाएं। उसकी चाहरदीवारी बनवा लें। निगम की नोटिस के बाद आपने प्लाॅट की चाहरदीवारी नहीं कराई तो निगम उसे अपनी संपत्ति भी मान लेगा। साथ ही साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्राविधानों के अनुसार 50 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक जुर्माना वसूलेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों के अनुपालन में विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।
दरअसल, नगर निगम की तरफ से वार्डों में खाली पड़े प्लाॅटों में गिराए जा रहे कूड़े पर कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम ने पिछले चार दिनों में 80 वार्ड के 94 प्लाॅटों से कूड़े की सफाई की है। ये ऐसे प्लाॅट हैं, जो काफी समय से खाली पड़े हैं और इन प्लाॅटों को डंपिंग ग्राउंड की तरफ इस्तेमाल किया जा रहा। इन प्लाॅटों से नगर निगम की टीम ने 150 ट्राली से अधिक कूड़ा निकाला है।
वहीं, 10 भूखंड स्वामियों को नगर निगम की तरफ नोटिस देकर साफ-सफाई के लिए कहा गया है। पिछले दिनों कार्रवाई में सफाई सुपरवाइजरों ने तकरीबन 10 की संख्या में लोगों को उनके नाम की जानकारी मिलने पर खाली प्लाॅट पर नोटिस चस्पा कर दिया है।
अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह ने कहा कि बिना बाउंड्री वाले प्लाटों की साफ सफाई करवाना भूस्वामियों की ही जिम्मेदारी है। ऐसे में खाली जमीन है तो बिना बाउंड्री के जमीन खाली नहीं छोड़ी जाए। भूस्वामी यह भी सुनिश्चित करें कि वहां गंदगी न जमा हो।