जर्जर खंभों को बदलने की जिम्मेदारी नोएडा की फर्म मेसर्स कैपिटल इलेक्ट्रेट प्राइवेट लिमिटेड को मिली है। फर्म की तरफ से जीओ टैगिंग का काम शुरू किया गया है। इसके तहत कहां के खंभे बदले जाएंगे और कहां पर तारों को बदलना है, इसे गूगल के माध्यम से टैग किया जाना है। सूत्रों की मानें तो खंभे और तारों को बदलने का काम अप्रैल के बाद ही शुरू हो पाएगा। इस तरह तकरीबन 90 दिन की देरी से काम शुरू हो पाएगा।
31 मार्च तक करना है बांस-बल्ली हटाने का काम
शहरी व ग्रामीण के कुछ इलाकों में बांस-बल्ली को हटाकर सीमेंटेड पोल लगाने का 11 करोड़ का काम भी इस योजना में शामिल है। इस काम को खत्म करने की समय सीमा दो बार बढ़ाई जा चुकी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों संग समीक्षा बैठक में दोनों कामों में देरी होने पर नाराजगी जताई थी। बांस-बल्ली के काम को 31 मार्च तक खत्म करने का निर्देश भी दिया था।
ये काम कराए जाने थे
नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर तारों व खंभों को हटाकर एबीसी केबिल डालना- 7.10 करोड़ रुपये
इन वार्डों में होना था काम
वार्ड संख्या- 1, 3, 5, 6, 13, 17, 18, 19, 25, 26, 27, 28, 29, 30, 34, 35, 39, 44, 46, 49, 50, 51, 55, 60 व 64
- दिव्य नगर क्षेत्र में 33 केवी उपकेंद्र के निर्माण व लाइन निर्माण का काम- 6.48 करोड़ रुपये
- बिछिया क्षेत्र में 33 केवी उपकेंद्र का निर्माण व लाइन निर्माण का काम- 9.44 करोड़ रुपये
टेंडर निकल गया है। एक-दो दिन में कार्यदायी संस्था से अनुबंध हो जाएगा। डिस्काम की तरफ से काम की फाइल को लेकर विलंब हुआ है, साथ ही कुछ अन्य भी कारण हैं। योजना निगम की प्राथमिकता में है। बांस-बल्ली के काम को 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। 85 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है।
- देवेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता
दोनों उपकेंद्र बनाए जाने का काम प्रस्तावित है। बन जाने के बाद खोराबार बिजली घर के अलावा शाहपुर बिजली घर के कुछ फीडरों को इनसे जोड़ा जाना है। टेंडर खुल गया है। अब काम शुरू करवाया जाएगा।
- एमके गौड़, अधिशासी अभियंता विद्युत माध्यमिक कार्यखंड