गोरखपुर एयरपोर्ट के पास रजही कैंप क्षेत्र में 50 हेक्टेयर में सिटी फॉरेस्ट पार्क विकसित किया जाएगा। इसका प्रस्ताव दस दिन पहले बनाकर वन विभाग की तरफ से केंद्र सरकार को भेज गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। इसके बनने से शहर के किनारे जंगल का लुत्फ लेने के साथ वहां बच्चे आराम से घूम टहल सकेंगे। बड़े भी सुबह की सैर कर सकते हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री ने नगर वन उद्यान योजना (सिटी फॉरेस्ट पार्क) का एलान किया था। देश के 200 शहरों में 10 से 50 हेक्टेयर भूमि में सिटी फॉरेस्ट पार्क बनाने की योजना बनी थी। इसमें गोरखपुर भी शामिल है। तत्कालीन डीएफओ अविनाश कुमार ने तिनकोनिया रेंज की रजही बीट में आरक्षित वन ग्राम रामगढ़ कंपार्ट नंबर-2 में जमीन चिह्नित की थी। वन
निगम की तरफ से दस दिन पहले इस जमीन को सिटी फॉरेस्ट पार्क बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया।
दरअसल इस पार्क के लिए नगर निगम को भी शहरी क्षेत्र के बीच में 10 हेक्टेयर जमीन दी जानी थी लेकिन, जमीन नहीं मिलने से अब वन विभाग ने रजहीं क्षेत्र में ही कुल 50 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर उसका प्रस्ताव केंद्र में भेज दिया। वन विभाग सिटी फॉरेस्ट पार्क को 2024-25 वित्तीय वर्ष तक विकसित करेगा। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि जमीन स्वीकृत होने के बाद इसके लिए केंद्र सरकार नेशनल कैंपा के फंड से स्टेट फॉरेस्ट डेवलपमेंट एजेंसी को दो करोड़ रुपये देगी। यह धनराशि चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलेगी।
पार्क बनने से होगा लाभ
सिटी फॉरेस्ट पार्क वाली जगह से पूर्वांचल के कई धार्मिक, पर्यटन स्थल जुड़े हैं। साथ ही इसके बगल में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) है। श्रद्धा का केंद्र प्राचीन बुढ़िया माता मंदिर, मिनी-जू विनोद वन भी बगल में ही है। एयरफोर्स स्टेशन, जीआरडी मुख्यालय समेत अन्य स्थल भी हैं। डीएफओ ने बताया कि पार्क बनने से यहां के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। लोग छुट्टियों में पिकनिक मनाने, टहलने, योग करने, के साथ शहर के अंदर जंगल को महसूस कर सकेंगे।