प्रोफेसर राजेंद्र प्रसाद। (फाइल फोटो)
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बिहार के मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के गोरखपुर और बोधगया समेत अन्य ठिकानों पर गुरुवार की भोर में तीन बजे तक छापे की कार्रवाई चली। 30 करोड़ की वित्तीय अनियमितता की जांच कर रही स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने कुलपति के घर से दो करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति पकड़ी है। इसमें साढ़े सात लाख रुपये की विदेशी करेंसी भी है। विदेशी करेंसी मिलने के बाद कुलपति की विदेश यात्रा की भी जांच की जा रही है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व प्रभारी कुलपति और वर्तमान में मगध विश्वविद्यालय बोधगया के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए पीआईएल दाखिल हुई थी। इस मामले में विजिलेंस ने जनवरी में कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उनके सहयोगी सुबोध कुमार, ओम प्रकाश, जितेंद्र कुमार और लखनऊ की प्राइवेट कंपनी के खिलाफ मामला दायर कर न्यायालय से सर्च वारंट लिया था। बुधवार को कुलपति के गोरखपुर स्थित आवास व बोधगया समेत अन्य ठिकानों पर छापा मारा गया। इस दौरान कई ऐसे अभिलेख मिले हैं, जिससे कुलपति की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
विशेष निगरानी पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक नैयर हसनैन खान ने बताया कि कुलपति पर फेमा की धारा के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। बीते तीन वर्षों में डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 30 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। 20 करोड़ के घोटाले का प्राथमिकी पहले से ही दर्ज है। छापे के दौरान जब्त किए गए कागजात की जांच की जा रही है।