एक दुकान पर बंटता राशन। (सांकेतिक तस्वीर)
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कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण जरूरतमंद परिवार खाद्यान्न से वंचित न हों इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग राशन कार्ड बनाने का अभियान चला रहा है। विभाग नए राशन कार्ड धारकों और पुराने उपभोक्ताओं को तीन माह का निशुल्क खाद्यान्न भी उपलब्ध कराएगा।
गोरखपुर जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद सिंह के अनुसार प्रदेश सरकार ने कोविड 19 के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिन पात्र परिवारों के राशन कार्ड नहीं बने हैं, अभियान चलाकर उनके राशन कार्ड तैयार किए जाने हैं। जिले में ग्रामीण क्षेत्र में 79 फीसदी पात्र परिवारों के राशन कार्ड बनाने का काम पूरा कर लिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र में अब कुछ लोग ही राशन कार्ड बनवाने का आवेदन करते हैं। जांच में योग्य पाए जाने पर उनका राशनकार्ड बनाया जा रहा है। वहीं शहरी क्षेत्र में विभाग लक्ष्य से चार फीसदी पीछे है। शहरी क्षेत्र में भी तेजी से राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं।
आनंद सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान बहुत से अपात्र भी आवेदन कर रहे हैं, मानक पर खरा नहीं उतरने के कारण उनके आवेदन निरस्त हो जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की ओर से इन सभी नए और पुराने राशनकार्ड धारकों को जून, जुलाई और अगस्त माह का निशुल्क राशन वितरित किया जाना है।
राशन कार्ड के लिए यह है पात्रता
- ऐसे परिवार जिनके पास चार पहिया वाहन न हों।
- घर में पांच किलोवाट से अधिक लोड का बिजली कनेक्शन, एसी और जेनरेटर न हो।
- आवेदनकर्ता आयकरदाता न हो।
- परिवार में किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्य के नाम पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि न हो।
- परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस न हो।
- परिवार के सभी सदस्यों की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख तथा शहरी क्षेत्र में तीन लाख रुपये से अधिक न हो।
- शहरी क्षेत्र में परिवार के पास 100 वर्ग मीटर से अधिक आवासीय प्लाट या 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक का व्यावसायिक भूभाग न हो।