फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur: अगस्त बीतने को है, गोरखपुर में बाढ़ से बचाव की परियोजनाएं अधूरी

Wed, 24 Aug 2022 01:18 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि जो परियोजनाएं अधूरी हैं उनमें से तीन की स्वीकृति मई में मिली थी। इस नाते पूरा करने में देर हुई है। अन्य जो भी परियोजनाएं हैं वह समाप्ति की तरफ हैं। हर परियोजना का काम 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
विज्ञापन
गोरखपुर राप्ती नदी। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नदियों के तटबंधों के संवेदनशील स्थानों पर कटानरोधी उपाय करने के लिए स्वीकृत 31 परियोजनाओं में से अब तक आठ पूरी नहीं हो सकीं। जबकि इसके लिए 15 जून तक समय तय था और अगस्त बीतने को है। शासन का स्पष्ट निर्देश था कि बाढ़ से बचाव की जो भी परियोजनाएं हैं उसे तय समय में पूरा करना है।

विज्ञापन


पिछले साल नदियों का जलस्तर बढ़ने से सरयू, राप्ती, रोहिन, गोर्रा आदि नदियों ने उनके किनारे बने तटबंधों को काफी क्षतिग्रस्त कर दिया था। कई स्थानों पर स्थिति यह थी कि कटानरोधी कार्य नहीं कराए गए होते तो तटबंध टूट सकते थे।

इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने कई परियोजनाओं को बनाकर शासन को भेजा। परीक्षण के बाद 31 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। बजट आवंटित किया गया और समय से कार्य कराने का निर्देश दिया गया, लेकिन अब तक आठ परियोजनाओं का काम अधूरा है।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

इनमें बाढ़ खंड की परियोजना छितहरी थुन्हीं तटबंध पर गोपालपुर गांव के पास बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य। राप्ती नदी के तट पर बिनहा तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य अधूरा है।

इसके अलावा ड्रेनेज खंड में रोहिन नदी के तट पर बना मखनहा तटबंध के सुदृढ़ीकरण एवं स्लोप पिचिंग की परियोजना, रोहिन नदी के बाएं तट पर कुदरियां मानीराम बांध पर सुदृढ़ीकरण कार्यों की परियोजना का काम अधूरा है। रोहिन नदी पर ही माधोपुर तटबंध के सुदृढ़ीकरण एवं स्लोप पिचिंग का कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है।

बाढ़ खंड 2 की दो परियोजनाएं भी अधूरी हैं। घाघरा नदी पर ग्रामसभा बुढ़नपुरा नरहरपुर, खड़ेसरी के सुरक्षात्मक कार्य पूरा नहीं हुआ। वहीं राप्ती नदी के तट पर बोक्टा बरवार बांध पर स्लोप पिचिंग का कार्य अधूरा है।

सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि जो परियोजनाएं अधूरी हैं उनमें से तीन की स्वीकृति मई में मिली थी। इस नाते पूरा करने में देर हुई है। अन्य जो भी परियोजनाएं हैं वह समाप्ति की तरफ हैं। हर परियोजना का काम 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें