गोरखपुर जिले में बड़ी घटनाओं के पर्दाफाश में फेल पुलिस नए फार्मूले से फाइलों को दुरुस्त कर अपनी पीठ थपथपा कर रही है। एक, दो नहीं कई घटनाओं में पुलिस इस तरह का खेल कर चुकी है। सरेराह हुईं वारदातों का पर्दाफाश फाइलों में बड़े ही खामोशी से कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, बड़हलगंज में सब्जी विक्रेता की गोली मारकर हत्या कर सनसनी फैलाने की वारदात हो या फिर कौड़ीराम से लापता बुजुर्ग का मामला हो। बांसगांव में बच्चे की हत्या का खुलासा जैसे वारदात में पुलिस पूरी तरह से फेल नजर आई है।
पुलिस पहले तो कुछ लोगों को हिरासत में लेकर जल्द पर्दाफाश का दावा करने की दलील दी, लेकिन कुछ समय गुजरने के बाद मामले को रफादफा करने में जुट जाती है। जब भी अफसरों ने नजर हटाई बड़ी खामोशी से पर्दाफाश कर पुलिस अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त कर लेती है।
केस एक
24 जून 2022 को बड़हलगंज के शनिचरा पट्टी दुबे गांव में सब्जी विक्रेता राजेंद्र दुबे की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने जांच कर कइयों को उठाया, लेकिन शूटर तक नहीं पहुंच सकी। इन सब के बीच खुलासे का दबाव बढ़ने पर 13 अगस्त को पुलिस ने वादी (मृतक के भाई) के बयान के आधार पर नामजद आरोपी पिंटू को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह बैंकाक जाने के लिए कोलकाता हवाई अड्डे पर पहुंच चुका था। उसे जेल भेजकर बड़ी खामोशी से पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर दिया।
केस दो
बांसगांव इलाके के झब्बू यादव (72) रहस्यमय हाल में लापता हो गए। कुछ ही दिन बाद उनके घर एक करोड़ की फिरौती मांगते हुए पत्र आ गया। पुलिस ने जांच की और साक्ष्यों के साथ फिरौती मांगने के आरोप में कमलेश यादव और राजमन को गिरफ्तार कर लिया। फिरौती की घटना का पर्दाफाश हो गया, लेकिन बुजुर्ग कहां हैं, जिंदा भी हैं या नहीं, यह पुलिस पता नहीं लगा सकी है। पुलिस के रिकॉर्ड में तकरीबन घटना का अनावरण हो चुका है, हालांकि अफसर अभी जांच जारी रखने की दलील देते हैं।
केस तीन
बांसगांव थाना क्षेत्र के बहोरवा गांव निवासी रुद्र राजभर के बेटे लक्ष्य उर्फ गोलू की छह अप्रैल को गांव में ही हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। पुलिस ने शव बरामद करने के बाद केस दर्ज कर लिया और जांच शुरू की, लेकिन खुलासा नहीं हो सका। जुलाई में पुलिस ने फिर तेजी दिखाई और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर खुलासे के करीब पहुंचने का दावा भी की, लेकिन इसी बीच पुलिस पर आरोप लगा और दो पुलिसकर्मी पर गाज भी गिर गई। कार्रवाई तो हो गई, लेकिन खुलासा अभी तक नहीं हो सका।
डीआईजी जे रविंद्र ने कहा कि पुरानी घटनाओं के पर्दाफाश के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। जिन घटनाओं का पर्दाफाश नहीं हुआ या फिर वजह सामने नहीं आ पाई है, उसकी समीक्षा कराई जाएगी।