इनमें बाढ़ खंड की परियोजना छितहरी थुन्हीं तटबंध पर गोपालपुर गांव के पास बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य। राप्ती नदी के तट पर बिनहा तटबंध के उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य अधूरा है।
इसके अलावा ड्रेनेज खंड में रोहिन नदी के तट पर बना मखनहा तटबंध के सुदृढ़ीकरण एवं स्लोप पिचिंग की परियोजना, रोहिन नदी के बाएं तट पर कुदरियां मानीराम बांध पर सुदृढ़ीकरण कार्यों की परियोजना का काम अधूरा है। रोहिन नदी पर ही माधोपुर तटबंध के सुदृढ़ीकरण एवं स्लोप पिचिंग का कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है।
बाढ़ खंड 2 की दो परियोजनाएं भी अधूरी हैं। घाघरा नदी पर ग्रामसभा बुढ़नपुरा नरहरपुर, खड़ेसरी के सुरक्षात्मक कार्य पूरा नहीं हुआ। वहीं राप्ती नदी के तट पर बोक्टा बरवार बांध पर स्लोप पिचिंग का कार्य अधूरा है।
सिंचाई विभाग अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने कहा कि जो परियोजनाएं अधूरी हैं उनमें से तीन की स्वीकृति मई में मिली थी। इस नाते पूरा करने में देर हुई है। अन्य जो भी परियोजनाएं हैं वह समाप्ति की तरफ हैं। हर परियोजना का काम 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है।