डिग्री व प्रोविजनल का आवेदन भी होगा ऑनलाइन
विश्वविद्यालय में डिग्री का आवेदन कर अभ्यर्थी को पांच से छह महीने तक चक्कर लगाना पड़ता है। कुछ दिन पहले दो माह बाद भी डिग्री नहीं मिलने पर एक युवक ने अर्धनग्न होकर धरना-प्रदर्शन किया था। मामला उजागर होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन डिग्री और प्रोविजनल समेत अन्य सुविधाओं को भी ऑनलाइन करने की तैयारी में जुट गया है।
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शोधार्थियों को भी मिलेगी सुविधा
फाइल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े शोधार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। शोध की फाइल सम्मिट करने के बाद उन्हें चक्कर लगाना पड़ता है। अब उनकी शोध फाइल का आवेदन भी ऑनलाइन होगा। समय सीमा के अंदर फाइल का निस्तारण नहीं करने पर जिम्मेदार की जवाबदेही तय होगी।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि फाइलों के निस्तारण में लापरवाही न हो इसको लेकर फाइल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फाइल किस पटल पर कहां और कबसे है, अब इसकी जानकारी आसानी से हो जाएगी।