दो दिनों से खराब हुई शहर की हवा अब सुधरने लगी है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर 125 दर्ज किया गया, जबकि मंगलवार को 205 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा के चलने और धूप निकलने से मौसम में नमी कम हो गई। इससे वायुमंडल में जमी धूल की परत हट गई।
दिवाली के बाद से बिगड़ी शहर की आबोहवा धीरे-धीरे सुधर रही थी। छठ पूजा से पहले एक्यूआई 115 तक पहुंच गया था। छठ के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा। निमार्ण कार्य स्थलों पर नगर निगम की ओर से पानी का छिड़काव होने लगा। वहीं मोहद्दीपुर-नौसड़ सिक्सलेन पर निर्माण के दौरान सड़क जहां उखड़ गई थी, उसे बना दिया गया।
इससे हवा खुद सुधर गई थी, लेकिन सोमवार से एक बार फिर स शहर की हवा खराब हो गई। विशेषज्ञों की माने तो प्रदूषण के बढ़ने की मुख्य वजह इस समय खेत में जल रही पराली और सहालग में गाड़ियों से निकले वाले धुएं और आतिशबाजी है। जिस दिन मांगलिक कार्यक्रम अधिक हैं, उस दिन सडकों पर गाड़ियां ज्यादा निकल रहीं हैं। जिसके चलते जाम लग रहा है और गाड़ियों से निकले धुएं से प्रदूषण बढ़ जा रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि तापमान में कमी और हवाएं नहीं चलने के कारण धूल के कण संघनित हो गए थे। जिससे एक्यूआई का स्तर बढ़ गया था। मंगलवार की दोपहर से धूप निकलने से तापमान बढ़ने एवं हवा चलने से धुआं एवं अन्य कण ऊपरी सतह पर चले गए। जिससे एक्यूआई स्तर में सुधार होने लगा।