इधर, युवती अपने परिजनों के साथ युवक के घर पहुंच गई। गीता देवी पर घर में रहने का दबाव बनाने लगी तो उन्होंने बेटे के बाहर होने की जानकारी दी। आरोप है कि 13 मई की शाम 7 बजे गीता देवी घर के बाहर बर्तन साफ करने निकलीं तो युवती ने उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया। इससे वह बुरी तरह झुलस गईं।
परिजन गीता देवी को कैंपियरगंज सीएचसी लाए, जहां से चिकित्सक ने मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। गीता देवी दस दिन मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहीं। इस बीच कुछ सुधार हुआ तो परिजन घर लाकर दवा करा रहे थे। बृहस्पतिवार को करीब 11 बजे रात में उनकी मौत हो गई।
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मृतका के पति जगजीवन की तहरीर पर पुलिस गांव के ही आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच कर रही है। शांति व्यवस्था बनाये रखने को कई थानों की पुलिस गांव में तैनात है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि राप्ती नदी के नेतवर घाट पर मृतका का दाहसंस्कार करा दिया गया है। गांव में पुलिस बल तैनात है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। इनमें से एक आरोपी सरस्वती को गिरफ्तार कर लिया गया है।