गोरखपुर। एम्स गोरखपुर की महिला डॉक्टर के साथ नस्लीय टिप्पणी, छेड़खानी, जान से मारने की धमकी के मामले में बृहस्पतिवार को पीड़िता ने न्यायालय में बयान दर्ज कराया। मामले में बुधवार को एम्स थाना पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में दलित उत्पीड़न की धारा जोड़ी थी। देवरिया जिले के रहने वाले तीनों आरोपी जेल में है। पुलिस की तैयारी 24 घंटे के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की है।
नगालैंड की रहने वाली डाक्टर ने बताया कि 22 फरवरी की रात ऑरियन माॅल से स्कूटी से एम्स लौट रही थी। एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने एम्स के गेट नंबर दो तक (डेढ़ किलोमीटर तक) पीछा किया था। आरोपियों ने नस्लीय टिप्पणी, छेड़खानी के साथ ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। विरोध पर जान से मारने की धमकी दी थी।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि बुधवार को दर्ज प्राथमिकी में दलित उत्पीड़न की धारा बढ़ाई गई थी। इस प्राथमिकी की विवेचना सीओ कैंट योगेंद्र सिंह कर रहे हैं। तीनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद घटना से जुड़ा साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। कोशिश है कि अगले 24 घंटे में चार्जशीट दाखिल कर दी जाए। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पुलिस मजबूती से पैरवी करेगी।