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Gorakhpur News: डॉक्टर और हिस्ट्रीशीटर की कॉल डिटेल से खुली बिहार के माफिया से सांठगांठ

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गोरखपुर। कैंट थाना क्षेत्र में डॉक्टर से कथित रंगदारी मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने जब कॉल डिटेल खंगाली तो हिस्ट्रीशीटर से लगातार संपर्क सामने आया। इसमें कई राज भी खुले हैं। जांच में बिहार के मरीज माफिया से सांठगांठ की बात भी सामने आई है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, बिहार के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी मरीजों को सुनियोजित तरीके से लाया जाता था। मरीज लाने के नाम पर एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था, जिसमें कमीशनखोरी और दबाव की रणनीति अपनाई जाती थी। डॉक्टर के बयान के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब फोकस मरीज माफिया के नेटवर्क की पहचान, आर्थिक लेनदेन और आपसी संपर्कों की पड़ताल पर है।



अब तक की जांच में पता चला कि डॉ. पंकज पहले अपने अस्पताल में बिहार से मरीज लाने के लिए बिट्टू खान की एंबुलेंस सर्विस का उपयोग करते थे। इसके बदले कमीशन का भुगतान करते थे। मगर हाल के दिनों में बिट्टू ने मरीजों को मानसी अस्पताल के बजाय सान्वी अस्पताल में भेजना शुरू कर दिया।
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सूत्रों ने बताया कि मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक दबाव में रखा जाता है। उन्हें विश्वास दिलाया जाता है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में उनका मरीज सुरक्षित रहेगा। वहां बेहतर इलाज मिलेगा। एजेंट और एंबुलेंस चालकों के लिए अस्पताल के बिल का 30 प्रतिशत हिस्सा कटता है। जिन डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन होते हैं, उन्हें इस नेटवर्क में शामिल होने के बदले लाखों रुपये मिलते हैं।



दरअसल, मानसी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर पंकज दीक्षित ने 16 फरवरी को दर्ज मामले में बताया था कि उनसे 15 लाख की रंगदारी मांगी गई है। इसके 24 घंटे बाद ही एक ऑडियो सामने आया जिसमें दो तरह की हेराफेरी सामने आई थी। पहला मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर कराना और दूसरा बिहार बॉर्डर के मरीजों को गोरखपुर के हॉस्पिटल तक लाने के बदले कमीशन देने का। इसकी डील भी लाखों में होती है। ऑडियो में डॉक्टर और बिहार के मरीज माफिया बातचीत कर रहे हैं।



इसमें कमीशन के बदले मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस के मालिक को भला-बुरा कहा जा रहा है। पुलिस अब बिहार के मरीज माफिया की तलाश में जुटी है।



इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर का बयान दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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