इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। वहीं पुलिस के मुताबिक विश्वास के साथ कोई भी उनके नदी में कूदने की बात नहीं कर रहा है। हालांकि इस सूचना के 48 घंटे बीत गए हैं। पीएससी की बाढ़ बचाव दल के जवानों ने नदी को स्टीमर और जाल व कांटे की सहायता से काफी दूर तक तलाश की। वहीं लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि अगर वे चारों नदी में कूदे नहीं हैं और घर पर भी नहीं हैं तो कहां गए।
राजन की बुजुर्ग मां अनारा ने बताया कि चारों बुधवार की सायं छह बजे तक घर पर ही थे। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि राजन अपने पुत्रों के साथ तीन महीने पहले ससुराल गया था। फिर बुधवार को ऐसा क्या हुआ कि उसने अपने तीन पुत्रों सहित खुद नदी में कूदने का कदम उठाया।
इस संबंध में एसएचओ ढ़ेबरुआ ब्रह्मा गौड़ ने कहा कि बृहस्पतिवार को भी पीएससी की टीम ने बूढ़ी राप्ती नदी में चारों की तलाश की। चारों में से किसी का कुछ पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि कोई भी ग्रामीण ठोस तरीके से उनके नदी में कूदने की बात नहीं कह रहा है। फिर भी आगामी एक-दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।