फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी शिक्षक मामला: कूटरचित दस्तावेजों से हासिल की नौकरी, अब होंगे बर्खास्त

Thu, 15 Apr 2021 01:28 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गोरखपुर के परिषदीय विद्यालयों में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों ने दशकों तक विभाग की आंखों में धूल झोंक कर नौकरी की है। जब इन्हें लगा की इनकी चोरी पकड़ी जाएगी तो विद्यालय में आना ही बंद कर दिया। लंबे समय तक इनके विद्यालय से गायब होने की रिपोर्ट मिली तो विभाग ने जांच कराई जिसके बाद इनके फर्जी होने के सबूत मिले।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग ने एक दिन पूर्व ऐसे चार शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। जबकि प्राथमिक विद्यालय टेकवार बांसगांव के आत्म प्रकाश पांडेय और प्राथमिक विद्यालय बेला पिपराइच के राम सागर चौधरी के दस्तावेजों को अंतिम रूप से सत्यापन कराया जा रहा है। दोनों ही आरोपी शिक्षकों ने विभाग की ओर से नौ अप्रैल तक दिए गए नोटिस के आलोक में अपना प्रत्यावेदन देकर खुद को असली बताया है। मगर सत्यापन के लिए प्रस्तुत नहीं हुए हैं।

विभागीय सूत्रों का दावा है कि ये आरोपी फर्जी होने की वजह से सामने नहीं आ रहे हैं। इनके प्रत्यावेदन पर एक बार और जांच कराकर इन्हें बर्खास्त किया जाएगा। प्राथमिक जांच में आत्म प्रकाश पांडेय के वर्ष 2011 के टीईटी का अंकपत्र फर्जी मिला है। वहीं असली राम सागर चौधरी, मंडल के दूसरे जनपद में कार्यरत हैं। उनके कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर आरोपी की ओर से पिपराइच के प्राथमिक विद्यालय में नौकरी हासिल की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

83 फर्जी शिक्षक बर्खास्त, 14 निलंबित

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पिछले दो वर्षों में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 83 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। जबकि 14 शिक्षकों को निलंबित कर उनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा विभाग को 20 से अधिक शिक्षकों के खिलाफ फर्जी होने की शिकायत मिली है। जिनकी अलग से जांच चल रही है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित बोर्ड और उच्च शैक्षणिक संस्थान से कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें