शहरी क्षेत्र का मतदान प्रतिशत बढ़ाने में मदद करें विद्यार्थी : प्रेमानंद
चुनाव प्रेक्षक प्रेमानंद ने कहा कि जनपद में बहुत ही अच्छे विद्यालय हैं। बावजूद इसके शहरी क्षेत्र के लोग मतदान में ग्रामीण क्षेत्र से पिछड़े हैं। आरपीएम अकादमी के इन 1600 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए लोगों को वोट डालने को प्रेरित और जागरूक करें। प्रत्येक विद्यार्थी एक रजिस्टर बनाए, इसमें परिवार, पड़ोस और मोहल्ले के वोट डालने वालों का नाम लिखे। तीन मार्च को यह सुनिश्चित करें कि रजिस्टर में दर्ज सभी लोग वोट डालें।
वोटर नहीं हैं तो क्या, दूसरों को मतदान की प्रेरणा दें विद्यार्थी : मेजर प्रदीप
प्रेक्षक मेजर प्रदीप शौर्य आर्य ने कहा कि वर्तमान में अधिकतर विद्यार्थी वोटर नहीं हैं लेकिन आप परिवार के सदस्य, पड़ोसियों को वोट डालने को प्रेरित करने के साथ ऐसे लोगों को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने में मदद करें जो शारीरिक रूप से पोलिंग बूथ तक जाने में असमर्थ हों। उन्होंने कहा कि जर्मनी यूरोप के देश विकसित हैं। इसका कारण यह है कि वहां के नागरिक अपने अधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। हम भी अच्छे नागरिक की तरह मतदान कर देश को विकसित बनाने में मदद करें।
शिक्षा-प्रेरणा के जरिए विद्यार्थियों को कर रहे मतदान के प्रति जागरूक : अजय शाही
आरपीएम अकादमी के चेयरमैन अजय शाही ने बताया कि आज का विद्यार्थी कल का मतदाता और देश का निर्माता है। लोकतंत्र में व्यक्ति का वोट कितना कीमती है, इसके प्रति बच्चों को शिक्षा और प्रेरणा के साथ जागरूक किया जा रहा है। सामाजिक विज्ञान शिक्षा की कक्षाओं में चुनाव के संबंध में जानकारी देने के साथ एक्टिविटी भी कराई जा रही हैं। जो विद्यार्थी मतदान के दिन अपने माता-पिता और परिवार वालों की अंगुली पर स्याही लगा फोटो, वीडियो के साथ मतदान करने की अपील सोशल मीडिया पर पोस्ट करेगा, उसे इंटरनल परीक्षा में अंक देने में अधिभार (वेटेज) दिया जाएगा। विद्यार्थी नुक्कड़ नाटक और छोटी सभाओं के जरिए लोगों को मतदान करने की भी प्रेरणा देंगे।
विद्यार्थियों को लोकतंत्र में एक मत और मतदान का महत्व बताया गया है। सब तीन मार्च को अपने माता-पिता से निश्चित मतदान कराएंगे। आसपास के लोगों को जागरूक करके मतदान के लिए प्रेरित भी करेंगे। -अजय शाही, चेयरमैन आरपीएम एकेडमी।
विद्यार्थी देश के भविष्य हैं। ये विद्यार्थी आने वाले एक-दो वर्ष में मतदाता बनेंगे। उन्हें आज मत की कीमत का ज्ञान कराया जा रहा है। भविष्य में एक जागरूक नागरिक के रूप में वह बेहतर प्रत्याशी चुन सकेंगे। -स्मिता श्रीवास्तव शिक्षिका।
जिम्मेदार नागरिक वह है जो स्वयं मतदान करे और दूसरों को मतदान के लिए प्रेरित करें। विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाया जा रहा है। ये विद्यार्थी परिवार, पड़ोसी और मोहल्ले वालों को वोट डालने की प्रेरणा दे रहे हैं। -राजरादित्य।
हर व्यक्ति को सामाजिक सरोकार के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं। विद्यार्थी ही लोगों को प्रेरित कर जिले में सौ प्रतिशत मतदान का लक्ष्य हासिल करने में मदद कर सकते हैं। इनका सहयोग अपरिहार्य है।-आराधना शाही, प्रधानाचार्य आरपीएम अकादमी।
यदि कोई व्यक्ति मतदान में भाग नहीं ले रहा है तो वह खराब लोगों को जनप्रतिनिधि बनने में मदद कर रहा है। एक जागरूक नागरिक ही सही प्रत्याशी चुन सकता है, इसलिए वोट जरूर डालना चाहिए। -रवि कुमार श्रीवास्तव, शिक्षक।
संयुक्त परिवार में 33 सदस्य मतदाता हैं। प्रदेश और देश के लिए सही नेता चुनने के लिए उन सदस्यों से प्रत्याशियों की योग्यता-अयोग्यता पर चर्चा करती हूं। सही प्रत्याशी को ही वोट देने के लिए प्रेरित कर रही हूं। -सुषमा जायसवाल, छात्रा।
मेरे परिवार में 40 वोट हैं, उनके साथ पड़ोस के सभी मतदाता तीन मार्च को मतदान करें इसकी निगरानी रखूंगी। सबका मतदान कराना ही मेरा संकल्प है। इसके लिए मैं अपने साथ के लोगों को भी जागरूक करूंगी।-यशिका बजाज, छात्रा।
दो साल बाद मतदाता बनूंगा, लेकिन एक सही प्रत्याशी चुनने का निर्णय लेना सीख चुका हूं। परिवार और पड़ोस के लोगों को सही प्रत्याशी चुनने और मतदान जरूर करने को प्रेरित कर रहा हूं। यह देशहित की बात है।-संगम चतुर्वेदी, छात्र।
पहली बार वोट डालूंगा। लोकतंत्र में एक-एक वोट बहुत कीमती होता है। मुझे अपने वोट का मूल्य मालूम है, सही प्रत्याशी को चुनकर इसका सही इस्तेमाल करूंगा।-हर्षित राव, छात्र।
यदि आपने वोट नहीं डाला तो वह प्रत्याशी जीत जाएगा, जिसे अधिकतर लोग पसंद नहीं करते हैं। अगर सही व्यक्ति को जिताना है तो वोट जरूर दें।-अराध्य उपाध्याय, छात्रा।