सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से संचालित स्कूलों में दाखिला लेकर कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के साथ स्कूलों पर अब बोर्ड की ओर से शिकंजा कसा जाएगा। सत्र 2021-22 में विद्यार्थियों के अटेडेंस की निगरानी अब हर महीने बोर्ड की ओर से की जाएगी। इसे लेकर बोर्ड एंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) तैयार कर रहा है। बोर्ड की ओर से गोरखपुर जिले में 117 स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत प्रत्येक वर्ष 15 हजार विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
नई व्यवस्था के तहत बोर्ड की ओर से सभी स्कूलों को यूजर आईडी और पासवर्ड मुहैया कराया जाएगा। इसके माध्यम से हर महीने बच्चे की अटेडेंस रिपोर्ट ऑनलाइन अपडेट की जाएगी। जिसके बाद बोर्ड जब चाहे किसी भी विद्यार्थी की अटेडेंस देख सकेगा।
75 फीसदी अटेडेंस की अनिवार्यता को पूरा नहीं करने वाले विद्यार्थियों को बोर्ड की ओर से एडमिट कार्ड जारी नहीं होगा। वर्तमान सत्र से अब बोर्ड अपने स्तर से सेंट्रल ईआरपी सिस्टम तैयार कर उससे सभी स्कूलों को जोड़ेगा। स्कूल इसमें समय-समय पर डेटा अपलोड करेंगे और हेड ऑफिस के पास इसका कंट्रोल पैनल होगा। जिसके बाद स्कूल से डाटा मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि बोर्ड से संचालित स्कूलों में प्रवेश लेकर दूसरे राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाने वाले विद्यार्थियों की शिकायत बोर्ड को लगातार मिल रही है। जिसके बाद से बोर्ड ने अटेडेंस की निगरानी के लिए एक तंत्र विकसित करने का फैसला लिया है। वर्तमान सत्र में यह व्यवस्था लागू होगी।