वोटर लिस्ट में नाम है या कट गया, यह जानने के लिए अब बीएलओ और निर्वाचन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। घर बैठे एक कॉल कर जिले का कोई भी व्यक्ति यह जानकारी हासिल कर सकेगा कि उसका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से जल्द ही हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। इसको लेकर तैयारी चल रही है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ज्यादातर चुनावों में यह देखा गया कि जब मतदाता वोट डालने बूथ पर पहुंचते हैं तो पता चलता है कि वोटर लिस्ट में उनका नाम ही नहीं है। ऐसे में प्रशासन की तरफ से बार-बार यह अपील की जाती है कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए जाने वाले मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान हर वोटर यह जांच ले कि मतदाता सूची में उनका नाम है या नहीं।
मतदाताओं को दिक्कत न हो, इसलिए ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि वे आसानी से यह जान सकें कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। उसपर फोन कर इस संबंध में जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही एक दिन का विशेष अभियान भी चलेगा, जिसमें छूटे हुए लोगों को वोटर बनने का मौका मिलेगा।
पिछले अभियान में 10 हजार महिलाएं वोटर बनीं
जनगणना 2011 के मुताबिक वोटर लिस्ट में भी लिंगानुपात सही करने के लिए की जा रही कोशिशों के क्रम में 26 जुलाई को चलाए गए ‘एक दिन निर्वाचक नामावली के नाम’ अभियान के तहत 10 हजार 303 महिलाओं ने मतदाता बनने के लिए आवेदन किया था। दरअसल जिले के लिंगानुपात की तुलना में मतदाता सूची में महिलाओं का अनुपात काफी कम है। जनगणना के अनुसार एक हजार पुरुष पर महिलाओं की संख्या जहां 941 है, वहीं मतदाता सूची में यह संख्या प्रति हजार पुरुष मात्र 821 है। ऐसे में प्रशासन का महिलाओं को वोटर बनाने पर विशेष जोर है।