देवरिया बाईपास नाले के निर्माण में देरी और लापरवाही पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने सख्ती की है। उन्होंने नाले का काम देख रहे अवर अभियंता यशपाल सिंह को हटाकर सचिव कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। उनकी जगह अब अवर अभियंता आज्ञाराम वर्मा को नाला निर्माण की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
साथ ही उपाध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता जेपी श्रीवास्तव व अवर अभियंता आज्ञाराम वर्मा को रोजाना सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक नाला निर्माण स्थल पर ही टेंट लगाकर मौजूद रहने और रोजाना के निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस समयांतराल में तीनों अभियंता कहीं और न जाए, इसलिए उन्हें सेल्फी खींच कर उपाध्यक्ष को उपलब्ध करानी होगी।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले इस नाले के निर्माण से तारामंडल क्षेत्र की बड़ी आबादी को जलभराव से राहत मिलेगी। पिछले महीने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस नाले के निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया था। उन्होंने बरसात का मौसम शुरू होने से पहले निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके निर्माण की रफ्तार धीमी मिलने और जगह-जगह मिट्टी खोदकर सड़क किनारे रख देने पर जीडीए अध्यक्ष एवं कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बुधवार को अभियंताओं पर कड़ी नाराजगी जताई थी।
इस लापरवाही पर जीडीए उपाध्यक्ष भी चेतावनी दे चुके थे। निर्देश के बाद भी सुधार नहीं दिखने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने सख्ती करते हुए अवर अभियंता को नाले के कार्य से हटाकर सचिव कार्यालय में संबद्ध कर दिया। साथ ही अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को रोजाना मौके पर मौजूद रहकर जल्द काम पूरा कराने का निर्देश दिया है।