गीडा व आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी कंपनियों से निवेश के लिए प्रशासन ने बृहस्पतिवार की शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की। इस दौरान लुलु माल और अदाणी समूह के अलावा एंड हाइटेक कंपनी ने रेलवे का सामान और आरएसपीएल ग्रुप ने सीवीजी प्लांट लगाने के लिए जमीन की मांग की।
जनवरी के दूसरे सप्ताह में इनको जमीन दिखाई जाएगी। उम्मीद है कि नए साल में इनमें से कुछ कंपनियों के साथ गीडा प्रशासन का एमओयू भी हो जाएगा। 30 नवंबर को गीडा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में निवेश के लिए उद्यमियों का आह्वान किया था। उन्होंने इसके लिए करीब 80 उद्यमियों से बातचीत भी की थी। इसके बाद गीडा प्रशासन अब उद्यमियों के संपर्क में है।
इसी क्रम में बृहस्पतिवार की शाम साढ़े पांच बजे कमिश्नर अनिल ढींगरा, जीडीए वीसी आनंद वर्धन, सीईओ गीडा अनुज मलिक, एसडीएम गीडा अनुपम मिश्र ने लुलु ग्रुप, अदाणी ग्रुप, इंडियन शुगर टेक्नोलॉजी ग्रुप, दीप एसोसिएशन, रेड टेप, डीएस ग्रुप, आरएसपीएल ग्रुप, एंड हाइटेक समेत कई उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। सीईओ गीडा अनुज मलिक ने सबसे पहले गीडा के बदलते स्वरूप से सभी को अवगत कराया। साथ ही गीडा, औद्योगिक गलियारा और धुरियापार में जमीन की उपलब्धता के बारे में बताया।
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इसके बाद विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के प्रस्ताव सुने। इस दौरान रेलवे की प्रमुख सप्लायर कंपनी एंड हाइटेक ने 100 एकड़ में फैक्टरी बनाने का प्रस्ताव दिया। इसके अलावा आरएसपीएल ग्रुप ने यहां 20 एकड़ में सीवीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया।
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं गोरखपुर विकास प्राधिकरण में भूमि की कमी नहीं है। यहां इंडस्ट्री लगाने वालों का पूरा सहयोग किया जाएगा। उद्यमी एक बार गीडा आकर अपनी जरूरत के अनुसार जमीन देख लें, जिसके बाद आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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