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गोरखपुर: मानव संपदा पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं होने से परेशान हो रहा है कर्मचारी, जिंदा को दिखा दिए मृत

Thu, 07 Sep 2023 03:09 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

गोरखपुर जिला अस्पताल के सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ल जिंदा है। इसकी रिपोर्ट बुधवार को शासन को भेजी गई। मानव संपदा ने उन्हें मृत दर्शा दिया था। इस गलती के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इसमें सुधार की मांग करते हुए शासन को ई-मेल से सूचना दी है।
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मानव संपदा। - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बना मानव संपदा पोर्टल नियमित तौर पर अपडेट नहीं हो रहा है। इस वजह से ट्रांसफर के बाद उन्हें नई जगह पर जाने में दिक्कत हो रही है। जिला अस्पताल के एक कर्मचारी को इसी वजह से तीन महीने से वेतन नहीं मिल पा रहा है।

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जिला अस्पताल के सिस्टम इंचार्ज राजेंद्र शुक्ल को मानव संपदा में मृत दर्शाने का मामला चर्चा में है। इसके अलावा देवरिया की ही एक महिला कर्मचारी और एडी हेल्थ कार्यालय के एक कर्मचारी का प्रकरण भी सामने आया है।
वेतन रुकने के बाद कर्मचारियों ने अफसरों को याद दिलाया तो गड़बड़ी दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। बुधवार को जिला अस्पताल प्रशासन ने शासन को ईमेल भेजकर बताया कि सिस्टर इंचार्ज जीवित हैं। वह ड्यूटी कर रहे हैं। मानव संपदा पोर्टल पर उन्हें मृत दर्शाया गया है। इस गलती के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो पा रहा।
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गोरखपुर जिला अस्पताल में सिस्टर इंचार्ज के पद पर तैनात राजेन्द्र शुक्ला की प्रतिनियुक्ति जून में देवरिया मेडिकल काॅलेज से समाप्त हो गई तो उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशालय में ज्वाइन किया। जहां से जुलाई में जिला अस्पताल ज्वाइन किया, लेकिन मानव संपदा पोर्टल पर डेटा अपडेट नहीं किया गया। ऐसे ही एडी हेल्थ कार्यालय में भी एक कर्मचारी को निलंबित की जगह मृत दिखा दिया गया। जुलाई में इस कर्मचारी को शासन ने बहाल कर दिया था।

इस संबंध में एडी हेल्थ आईबी विश्वकर्मा का कहना है कि मानव संपदा पोर्टल पर हर डाटा अपडेट होता है। कर्मचारियों के ट्रांसफर होने पर इस डाटा अपडेशन के बाद ही वेतन जारी होता है। हमारे कार्यालय में किसी कर्मचारी को मृत्यु दिखाने का प्रकरण चर्चा में नहीं है। अन्य जगह अगर कोई शिकायत है तो इसके बारे में पता कराया जाएगा।
 
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शासन को भेजी गई सिस्टर इंचार्ज जिंदा होने की सूचना

गोरखपुर जिला अस्पताल के सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ल जिंदा है। इसकी रिपोर्ट बुधवार को शासन को भेजी गई। मानव संपदा ने उन्हें मृत दर्शा दिया था। इस गलती के कारण उनका वेतन जारी नहीं हो पा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इसमें सुधार की मांग करते हुए शासन को ई-मेल से सूचना दी है।

जिला अस्पताल में तैनात सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ला तबादले पर देवरिया मेडिकल कॉलेज से गोरखपुर आए। उन्होंने जुलाई माह में जिला अस्पताल में कार्यभार संभाल लिया। देवरिया मेडिकल कॉलेज से मानव संपदा का डाटा जिला अस्पताल और ट्रेजरी को अब मिला है।

इस डाटा में सिस्टर इंचार्ज राजेंद्र शुक्ला को मृत बताया गया है। इस वजह से ट्रेजरी से उनके वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। मामला सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इसे संज्ञान लिया। उनके जीवित होने के संबंध में सूचना शासन को भेजी।

 




 
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