गोरखपुर मंडल में 91 हजार से अधिक घरों में बिजली के कनेक्शनों की जांच होगी। इस दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर मुकदमा भी दर्ज होगा। बिजली निगम ने पूर्व में इन कनेक्शन को विभाग के सिस्टम से विच्छेद कर दिया था। निगम को आशंका है कि इन सभी कनेक्शनों पर चोरी से बिजली का उपभोग किया जा रहा है।
नियमानुसार, अगर सिस्टम से काटे गए कनेक्शन पर बिजली उपभोग करते हुए पाया गया तो संबंधित व्यक्ति पर शमन शुल्क वसूलने के साथ ही उनके खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा अभियंता दर्ज कराएंगे। मंडल के चारों जिले गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया और कुशीनगर में कनेक्शनों का विवरण अभियंताओं से मांगा गया है। निगम में 10 हजार रुपये से ज्यादा बकाया होने पर कनेक्शन को विच्छेद (काटने) का नियम है।
यदि उपभोक्ता ने बकाया नहीं जमा किया तो निगम के कर्मचारी उपभोक्ता के परिसर में जाकर पहले बिल जमा करने के लिए कहेंगे। यदि उपभोक्ता ने बिल नहीं जमा किया तो ट्रांसफार्मर से घर तक जाने वाली लाइन काट दी जाती है। लेकिन, पिछले दिनों सूचना मिली कि सिस्टम से ही सिर्फ ऐसे कनेक्शन काटे गए हैं, जबकि असल में अब भी इनके घरों में बिजली का उपभोग किया जा रहा है। निगम के ही अफसरों की लापरवाही के कारण कनेक्शन, परिसर में न कटकर सिर्फ सिस्टम में काट जा रहे हैं।
सिस्टम में कनेक्शन कटा दिखाने और मौके पर बिजली जलने से निगम को पहले तो बकाया नहीं मिलता और दूसरे कनेक्शन कटने के बाद हो रहे उपभोग का बिल भी नहीं वसूला जा पाता है। मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सिस्टम से काटे गए कनेक्शनों की भौतिक रिपोर्ट मांगी गई है। संबंधित उपखंड अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में यह है संदिग्ध कनेक्शनों की संख्या
खजनी में 3342, बड़हलगंज 2055, बांसगांव- 2933, गोला- 3038, सिकरीगंज-1969, कैंपियरगंज प्रथम- 1638, द्वितीय- 3184, चौरीचौरा प्रथम- 1070, चौरीचौरा द्वितीय- 3188, ग्रामीण मोहद्दीपुर- 6589, पिपराइच-3061, सहजनवां-4180