ऊर्जा निगम के रवैये से क्षुब्ध विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार बुधवार को भी जारी रहा है। काम-काज ठप होने से विभिन्न समस्याओं का निस्तारण कराने दफ्तरों में पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा।
आम जनता को असुविधा न हो, इस दृष्टि से कार्य बहिष्कार के दौरान भी बिजली उत्पादन गृहों, पारेषण एवं परिचालन को कार्य बहिष्कार से अलग रखा गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों इं ऐश्वर्य सिंह, इं शिवम चौधरी, इं सोमदत्त शर्मा, रघुनाथ प्रसाद संगम मौर्य ने ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि चेयरमैन बिजली कर्मियों की समस्याओं के बारे में तथ्यों को छिपाकर सरकार को गुमराह कर रहे हैं।
इससे ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण पूरी तरह समाप्त हो गया है और टकराव बढ़ता जा रहा है। समिति ने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार के दौरान किसी भी बिजली कर्मी का उत्पीड़न किया गया, तो इसके परिणाम गंभीर होंगे।
इस अवसर पर विवेक सिंह, मनोज श्रीवास्तव, नवनीत पटेल, अखिलेश गुप्ता, उपेंद्र पाल, प्रवीण सिंह, राजेश चौहान, कृष्ण मोहन यादव आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगे
पुरानी पेंशन बहाली, चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के पदों पर उचित प्रक्रिया के तहत चयन, बिजली कर्मियों को पूर्व की भांति 9 वर्ष, 14 वर्ष एवं 19 वर्ष की सेवा के उपरांत पदोन्नति पद का समयबद्ध वेतनमान सहित 15 सूत्री मांगें शामिल हैं।