भूकंप की त्रासदी से अनजान बच्चों के लिए मस्ती का समय था। वह खुले मैदान में रात में खुद को पाकर खेलने लगे। घरवाले भी उन्हें कुछ नहीं बोल रहे थे। वहीं, इन तनावभरे इस माहौल में बच्चों को खेलते देख बड़े कुछ सुकून महसूस कर रहे थे।
अचानक कुत्ते भौंकने लगे
भूकंप आने से चंद मिनट पहले ही जानवरों से पूरा इलाका गूंज गया था। शिवपुरी के अमित दुबे बताते हैं, वह खाना खाने के बाद घर के बाहर टहलने निकले थे। अचानक कुत्ते भौंकने लगे। पहले तो समझ में नहीं आया कि उन्हें ऐसा क्या हो गया। लेकिन जब भूकंप आया तो पुरखों की बात याद आ गई कि कोई भी अनहोनी की जानकारी जानवरों को पहले हो जाती है।