अधिवक्ता थाने में गए और आरोप लगाया कि दरोगा ने मारपीट की। आरोप है कि एसएसआई सोनेंद्र सिंह अकारण आग बबूला हो गए। भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए कहने लगे कि वकील के ड्रेस में थाने में आकर दबाव बना रहे हैं। गाली देने से मना करने पर वह थप्पड़ मारने लगे।
पिटाई से श्रवण क्षमता पर प्रभाव पड़ा है। फिर उसी दिन शाम में आकर माफी मांगते हुए धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। अधिवक्ता ने एक वीडियो दिखाया, जिसमें दरोगा हाथ उठाते नजर आए। दरोगा ने बयान में बताया कि वह बैठने को बोल रहे थे। अब इसकी सच्चाई जानने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा देखना चाहा तो खराब मिला।
इसे भी पढ़ें: 23 फीसदी लोगों को मनोरोगी बना गया कोरोना, शोध में हुआ खुलासा
वैसे तो पुलिस पहले खुद सीसीटीवी कैमरा लगवाने से बचती थी, इसका कारण था कि वह थाने में किसे लेकर आए, क्या किए इससे बचा जा सके। लेकिन, अब जरूरत कैमरे की खुद के बचाव के लिए हो गई है। क्योंकि अब थाने में जाकर लोग पुलिस पर आरोप लगाते हैं और ऐसे में अगर कैमरा होगा, तब ही वह अपना बचाव कर सकेंगे।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि कुछ थानों के सीसीटीवी कैमरे खराब मिले हैं। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह जल्द से जल्द कैमरों को दुरुस्त कराए। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा।