उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खजनी थाना क्षेत्र के महुआडाबर गांव में शनिवार की रात में करीब आठ बजे एक नाव गड्ढे में पलट गई। इस छोटी नाव (डोंगी) में सवार बुआ-भतीजा गहरे पानी में डूब गए, जबकि नाविक किसी तरह से तैरकर बाहर निकला। नाविक ने शोर मचाया तो गांव के अन्य लोग दूसरी नावों से पहुंचे। काफी प्रयास के बाद बुआ-भतीजे को निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मासूम भतीजे और बुआ की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। हर तरफ चीख-पुकार मच गई। परिजनों का बिलखना देख हर किसी की आंखें भर आईं।
मिली जानकारी के मुताबिक, सहजनवां थाना क्षेत्र के बड़गाहन गांव निवासी धर्मेंद्र निषाद की पत्नी पिंकी (30) कुछ दिन से अपने मायके महुआडाबर गांव में पिता मकसूद निषाद के यहां रह रही थी। शनिवार की रात में करीब आठ बजे पिंकी व भतीजा विवेक (06) पुत्र अनिल निषाद छोटी नाव (डोंगी) से घर से निकलकर सड़क पर आ रही थी। नाव इसी गांव के बुधई निषाद चला रहे थे।
मुख्य मार्ग से पहले गड्ढे में नाव पलट गई। जिससे पिंकी और विवेक डूब गए, जबकि बुधई तैरकर बाहर निकल गया। बुधई ने शोर मचाया तो गांव के रामकिशन मल्लाह व पंकज उपाध्याय समेत कई लोग पहुंचे और डूबे पिंकी व विवेक को खोजकर निकला गया। दोनों को आनन-फानन जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि महुआडाबर गांव में आमी नदी का पानी भरा हुआ है। जिसके कारण लोगों को जरूरी कामों को निपटाने के लिए नाव के सहारे बाहर जाना पड़ रहा है। बुआ-भतीजे की मौत से पूरा गांव सदमे में है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।