- सुबह 9 बजे होगा शिविर का उदघाटन, दोपहर एक बजे तक कर सकेंगे रक्तदान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में आज अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक लगने वाले इस शिविर में इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के सदस्य समेत कई अन्य लोग भी रक्तदान करेंगे। मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार और जिला अस्पताल में एसआईसी डॉ. राजेंद्र ठाकुर शिविर का उदघाटन करेंगे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि रक्त की एक बूंद भी कृत्रिम रूप से बनाई नहीं जाती है। आवश्यकता पड़ने पर एक इंसान ही दूसरे इंसान को अपना रक्त देकर जान बचाता है। इसलिए इस महादान में हर स्वस्थ व्यक्ति को अपना योगदान करना चाहिए।
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि अभी भी लोगों में यह भ्रांति है कि रक्तदान करने से कमजोरी आती है। जबकि सही बात यह है कि रक्तदान करने से पहले व्यक्ति के स्वास्थ्य की संपूर्ण जांच हो जाती है। रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं होती।
रक्तदान के बारे में ये भी जाने
एक यूनिट में 350 मिलीग्राम खून निकाला जाता है। रक्तदान के बाद खून की कमी 24 घंटे में पूरी हो जाती है। एक यूनिट खून से एक यूनिट प्लाज्मा, एक यूनिट प्लेटलेट्स, एक यूनिट आरबीसी और एक यूनिट क्रायो मिलता है। इन चारों से अलग-अलग चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। तीन महीने के अंतराल पर ही दोबारा रक्तदान करना चाहिए। रक्तदाता की उम्र 18 से 65 साल के बीच एवं शरीर का वजन न्यूनतम 45 किलो होना चाहिए।
रक्तदान करने से ये होते हैं फायदे
- तनाव कम होता है।
- भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- रक्तदान करने से ब्लड प्रेशर और दिल के दौरे का जोखिम कम हो सकता है।
- जांच से पहले सभी प्रकार की जांच हो जाती है।
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बीमार हैं तो न करें रक्तदान-
- जिन लोगों को सर्दी- जुकाम हो, उन्हें रक्तदान नहीं करना चाहिए।
- जिनका वजन 50 किलो से कम हो, चाहे वे महिला या पुरुष हों, वे रक्त नहीं कर सकते।
- आपका हीमोग्लोबिन 12 प्रतिशत से कम है तब आपके रक्तदान नहीं कर सकते।
- अगर आपने टैटू बनवाया है तो छह माह तक रक्तदान नहीं करना चाहिए।
- अगर किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स दवा चल रही हो तो 2 से 3 सप्ताह तक आप रक्तदान नहीं कर सकते।
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