- अचानक हो रहे तेज बदलाव से बढ़ेंगी बीमारियां, डॉक्टरों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मौसम है तो बदलेगा, लेकिन इतना तेजी से बदलेगा, इसका अनुमान विशेषज्ञ भी नहीं लगा पा रहे हैं। लोग शनिवार को दोपहर तक तेज धूप और उमस से परेशान थे। कुछ ही देर में आंधी और बारिश से मौसम बदल गया। गर्मी से राहत तो जरूर मिली, लेकिन ऐसा होने से बीमारियों की आशंका भी बढ़ गई है।
सितंबर के आखिरी सप्ताह में आमतौर पर मौसम में नरमी आने लगती है। इस बार भी ऐसा हो रहा था। 24 व 25 सितंबर को तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक आ गया था। लेकिन, अगले दिन ही सूरज की तपिश परेशान करने लगी। शुक्रवार को लोग पसीने से तर-बतर रहे। शनिवार को भी दिन की शुरुआत तेज गर्मी से हुई। दोपहर में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।
दिन के करीब तीन बजे अचानक बादल छाए और आंधी शुरू हो गई। नौकायन पुलिस चौकी का बूथ गिर गया। मोहद्दीपुर में पेड़ की डाल सड़क पर गिर गई। कई जगह दुकानों के साइन बोर्ड उड़ गए। गीडा समेत शहर के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। आजाद नगर क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई। काफी देर तक हवा चलने से तापमान में कमी आई। इसके बाद शाम को फिर उमस वाली गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया।
पश्चिम बंगाल के ऊपर बना है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विशेषज्ञ सफीक सिद्दीकी ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस वजह से अगले चार दिनों तक बिहार में बादल छाए रहने व बारिश की संभावना बनी हुई है। इसका असर गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज पर भी पड़ेगा। इन जिलों में भी चार अक्तूबर तक बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं। तेज हवा भी चलेगी, जिससे दिन व रात के तापमान में कुछ कमी आ सकती है।
डॉक्टरों ने दी सलाह, सतर्कता बरतें
एक ही दिन में कई बार तापमान बदल रहा है। इस वक्त अगर बारिश होती है और उसमें कोई व्यक्ति भीगता है तो उसके बीमार होने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है। एसी में रहने वाले लोग अचानक तेज गर्मी में बाहर निकले तो वे भी बीमार पड़ेंगे। इसलिए तेजी से बदलते मौसम में सावधानी सबसे जरूरी है। एसी, कूलर, पंखा चलाएं तो कमरे का तापमान सामान्य बनाए रखें। गाड़ी में एसी चला रहे हैं तो निकलने से पांच मिनट पहले उसे बंद कर तापमान सामान्य बनाएं। बाहर धूप से आते ही फ्रिज का ठंडा पानी कत्तई न पीएं।
-डॉ. गौरव पांडेय, जनरल फिजीशियन
मच्छरों से बचाव जरूरी : डॉ. आरपी सिंह
मौसम बदलने के साथ-साथ इस वक्त मच्छरों का प्रकोप भी बहुत है। सबसे अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। उनमें डेंगू जैसे लक्षण दिख रहे हैं। इसके अलावा कई लोगों में पेट का संक्रमण भी हो रहा है। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। बुखार होने पर तुरंत ही डॉक्टर से मिलकर जांच कराएं। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, जिससे कि मच्छरों से बचाव हो सके। खुद को मौसम के अनुकूल बनाए रखने का प्रयास करें। केवल ताजा भोजन ही करें और बाहर का खाना-पीना कम करें।
-डॉ. आरपी सिंह, जनरल फिजिशियन