गोरखपुर जिले के गुलरिहा इलाके के पिपरी गांव के जमुनहवा टोले में सोमवार की शाम पैमाइश के दौरान बवाल हो गया। राजस्व विभाग की टीम ने मौके से एक कब्जेदार का कब्जा हटाने की कोशिश की, जिस पर भड़के ग्रामीणों ने वसूली का आरोप लगाते हुए लेखपाल को घेर लिया। पुलिस ने काफी मशक्कत कर लेखपाल को जीप में बैठाकर बचाया। वहीं मौके पर पहुंचे प्रधान पुत्र की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने एक मकान में छिपकर जान बचाई। बवाल की सूचना पाते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। एहतियातन गांव में पुलिस तैनात है।
जानकारी के मुताबिक, जमुनहवा टोला में एक जमीन को चंडी प्रसाद ने सुदर्शन निषाद को बेचा था। इसके अलावा उनके बगल में भी कुछ जमीन है। बताया जा रहा है कि यहां पर 6 से 7 लोगों ने कब्जा कर पक्का निर्माण करा लिया है। शिकायत के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने पैमाइश कर कब्जा हटाने का निर्देश दिया था।
सोमवार की शाम राजस्व टीम पुलिस के साथ गांव पहुंची थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सभी का कब्जा न हटाकर सिर्फ एक ही शख्स को प्रधान पुत्र के इशारे पर हटाया जा रहा था। उन्होंने लेखपाल पर रुपये मांगने का भी आरोप लगाया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बवाल होने लगा।
गुस्साए ग्रामीणों ने मारने के लिए लेखपाल को दौड़ा लिया और पुलिस जीप के पास ही उन्हें घेर लिया। पुलिस ने लेखपाल को बचाया। हंगामे की सूचना पर प्रधान कौला देवी के पुत्र प्रमोद सिंह भी पहुंच गए।
ग्रामीणों ने प्रधान की वजह से ऐसी कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्हें दौड़ा लिया। कोटेदार के मकान में भागकर उन्होंने जान बचाई। गुस्साए ग्रामीणों ने बाहर खड़ी उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया है।
प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा के विनोद कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि तोड़फोड़ की जानकारी मिली है। तहरीर मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।