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Dhanteras 2021: ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग के बीच मनाया जा रहा धनतेरस, जानिए खरीदारी के शुभ मुहूर्त

Tue, 02 Nov 2021 10:58 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

आज सुबह नौ बजकर 56 मिनट तक उत्तराफाल्गुन नक्षत्र रहा इसके बाद संपूर्ण दिन और रात्रि हस्त नक्षत्र है। कन्या राशि पर चंद्रमा की स्थिति रहेगी, राशि स्वामी बुध होने से व्यापार की दृष्टि से यह दिन अत्यंत सुखद व श्रेयष्कर रहेगा।
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धनतेरस 2021 - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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धनतेरस का पर्व आज मनाया जा रहा है। वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार, दो नवंबर यानी आज द्वादशी तिथि का मान सुबह आठ बजकर 35 मिनट तक रहा, इसके बाद संपूर्ण दिन, रात्रि और अगले दिन सुबह सात बजकर 14 मिनट तक त्रयोदशी है। आज सुबह नौ बजकर 56 मिनट तक उत्तराफाल्गुन नक्षत्र रहा इसके बाद संपूर्ण दिन और रात्रि हस्त नक्षत्र है। कन्या राशि पर चंद्रमा की स्थिति रहेगी, राशि स्वामी बुध होने से व्यापार की दृष्टि से यह दिन अत्यंत सुखद व श्रेयष्कर रहेगा। इसके साथ ही इस दिन वैधृति योग और धाता नामक महा औदायिक योग है। जो शुभकारी होगा।
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ये है मान्यता
ज्योतिषार्च राजेंद्र बहादुर श्रीवास्तव के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन बर्तन, चांदी के सामान की खरीदारी की जाती है। इससे घर की संपन्नता में 13 गुना वृद्धि होने की संभावना होती है। इस दिन सूखी धनिया संपदा में वृद्धि करती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, यमराज का कहना है कि धनतेरस के दिन मेरे निमित्त दीपदान करने से मनुष्य को कभी अकाल मृत्यु का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिस घर में यह पूजन किया जाएगा उस घर पर कोई सदस्य अकाल मृत्यु का शिकार नहीं होगा।

ऐसे करें पूजन-अर्चन
ज्योतिषाचार्य डॉ. जोखन पांडेय शास्त्री के अनुसार, सबसे पहले 13 दीपक जलाएं और कुबेर को पुष्प चढ़ाएं और ध्यान करते हुए कहें कि एक श्रेष्ठ विमान पर विराजमान रहने वाले, गरुड़मणि के समान आभा वाले, दोनों हाथों में गदा व वर धारण करने वाले, सिर श्रेष्ठ मुकुट से अलंकृत शरीर वाले, भगवान शिव के प्रिय मित्र देव कुबेर का ध्यान करता हूं। इसके बाद धूप, दीप नवैद्य से पूजन करें और ‘यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये धन-धान्य समृद्धि में देहि दापय स्वाहा’ मंत्र का जाप करें।
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आज पंडालों में विराजमान होंगी मां लक्ष्मी
कोविड गाइडलाइन के अनुसार मंगलवार को विभिन्न स्थानों पर लगे पूजा पंडालों में मां लक्ष्मी की प्रतिमाओं की स्थापना होगी। बुधवार को विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ माता के पट दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
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धनतेरस पर खरीदारी मुहूर्त
सुबह 10:35 से दोपहर 12:00 बजे तक लाभ बेला
दोहपर 12:01 से दोहपर 01:26 तक अमृत बेला
शाम 05:32 से 07:46 तक प्रदोष काल
रात्रि 9:30 से 12:00 निशीथ काल
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