देवरिया पुलिस पूर्व एमएलसी रामू का नेटवर्क खंगाल रही है। एडीजी अखिल कुमार ने एक सप्ताह के भीतर माफिया के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट मांगी है। पुलिस की कार्रवाई से माफिया से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। इस गैंग से जुड़े आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग भूमिगत हो रहे हैं।
जो लोग पूर्व एमएलसी के साथी होने पर कल तक अपना गर्व महसूस करते थे, वहीं अब छिपकर रहना चाहते हैं। उनको पता हो गया है कि गैंग लीडर के साथ सदस्यों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक इस गिरोह के करीब सात लोगों के खिलाफ पुलिस शिकंजा कस चुकी है।
पुलिस इस गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही है। पुलिस के भय से पूर्व एमएलसी के कई करीबी भूमिगत हो चुके हैं। पूर्व एमएलसी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के निशाने पर अन्य करीबी हैं। पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े लोगों की सूची तैयार की है।
इसमें एक पूर्व ग्राम प्रधान, पूर्व सभासद, ठेकेदार, प्रापर्टी डीलर का काम करने वाले लोग हैं। उनकी संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। कुछ भूमि ऐसी है, जिनका विवाद चल रहा था लेकिन पहुंच के दम पर सस्ते दाम में बैनामा हो गया है। फिलहाल इस मामले पुलिस के आला अफसर नजर गड़ाए हुए हैं।
हर तीन माह बाद बदलते थे कंपनी का नाम
रामू द्विवेदी के नाम पर राजधानी में धमक कायम कर देवरिया के कुछ युवक करोड़पति बन गए हैं। पुलिस की नजर ऐसे युवकों पर हैं। सूत्रों की मानें तो इन लोगों ने प्रापर्टी के मामले में करोड़ों की धोखाधड़ी की है। हर छह माह बाद कंपनी का नाम बदलकर लोगों को चूना लगाने में जुटे हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस की नजर है। इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।