गोरखपुर जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। डेंगू के पांच नए मरीज सोमवार को मिले हैं। इन मरीजों में जटेपुर रेलवे कॉलोनी, पादरी बाजार, दीवान बाजार और सूरज कुंड के रहने वाले हैं। इसके बाद से जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 41 हो गई है। इनमें जिला अस्पताल में पांच नए मरीज भर्ती हैं। सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।
सीएमओ ने बताया कि डेंगू के मामले बढ़े तो हैं, लेकिन अब तक किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। पांच मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं। बताया कि रेलवे कॉलोनी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में रेलवे को पत्र भी लिखा गया है। जिला अस्पताल में अब तक 328 मरीजों की एलाइजा जांच कराई गई हैं। इनमें कुल 41 मरीज मिले हैं। इसके अलावा एनएस-वन की जांच 1274 लोगों की गई है। मलेरिया की जांच 11697 लोगों की गई है। इसमें कोई भी मरीज मलेरिया पीड़ित नहीं मिला है। बताया कि 312 लोगों के घरों का सर्वे किया गया है। 55 लोगों को नोटिस देकर साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं।
अब रात आठ बजे तक लगवा सकते हैं टीका, नगर निगम के बूथ पर मिल रही है सुविधा
कोविड टीकाकरण अभियान के तहत बूथों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रात में आठ बजे तक अब कोविड का टीका लगवाया जा सकता है। यह सुविधा नगर निगम के बूथ पर उपलब्ध कराई गई है। इस बूथ पर कोई भी सुबह 10 बजे से लेकर रात आठ बजे तक पहुंचकर टीका लगवा सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने बूथों की संख्या बढ़ा दी है। इसके बाद भी लोग बूथों पर कम पहुंच रहे हैं। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने 216 बूथ बनाए थे। इन बूथों पर 15343 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। इनमें 4133 को पहली और 11212 लोगों को दूसरी डोज लगाई गई है। सभी बूथों पर दोपहर बाद सन्नाटा पसर गया था। दोपहर बाद स्वास्थ्य कर्मी लोगों का इंतजार करते रहे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एनके पांडेय ने बताया कि वैक्सीन की कमी नहीं है। जो लोग अभी टीकाकरण से वंचित हैं, वह बूथों पर पहुंचकर टीका जरूर लगवाएं।
निजी डॉक्टरों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई
आईएमए व स्वास्थ्य विभाग की बैठक में निजी डॉक्टरों को गर्भवती व बच्चों के कल्याण के लिए चलाई जाने वाली स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी गई। सोमवार को सीएमओ कार्यालय के प्रेरणाश्री सभागार में हुई बैठक में सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने जानकारी दी। बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के योगदान में निजी डॉक्टरों का विशेष सहयोग रहता है। निजी डॉक्टरों के पास 50 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में उनका बेहतर इलाज करते हुए उन्हें जागरूक किया जाए। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. एनके पांडेय, आईएमए के अध्यक्ष डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, डॉ. जेपी जायसवाल, डॉ. एके चतुर्वेदी, डॉ. केए अब्बासी, डॉ. शिवशंकर शाही, डॉ. धर्मेंद्र राय, डॉ. अजय शुक्ला आदि मौजूद रहे।