पुलिस ने बताया कि अमित फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर में लोगों को फर्जी आधार, वोटर कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र उपलब्ध कराता था। जिसका इस्तेमाल करके विभिन्न बैंकों में खाता खोलकर साइबर फ्राॅड की रकम मंगाई जाती थी। क्राइम ब्रांच टीम दिन भर आरोपी को लेकर घूमती रही, उसके गांव कुशीनगर भी गई थी। देर शाम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर कैंट थाने से अमित गोंड को लेकर टीम दिल्ली रवाना हो गई।
जानकारी के अनुसार, तमकुहीराज थाना क्षेत्र के लतवाजीत निवासी प्रमोद गोंड के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अमित गोंड करीब सात वर्ष तक हाईवे पर लतवा बाजार में संचालित एक सहज जन सेवा केंद्र पर बतौर कर्मचारी काम करता था। एक वर्ष पूर्व इसी बाजार में किराए के मकान में उसने दुकान खोलकर ऑनलाइन सुविधाओं से जुड़े काम करने लगा। सूत्रों की मानें तो मॉडर्न ख्यालात का अमित कम मेहनत कर अधिक आमदनी की चाह रखने वाला युवक है।
साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : फ्री-पिक
लखनऊ पुलिस भी तलाश करते पहुंची थी घर
युवक के परिवार की आर्थिक स्थिति तेजी से बदली है। कुछ माह पूर्व लखनऊ की पुलिस टीम किसी संदिग्ध कार्य में लिप्त होने के कारण उसकी तलाश में पहुंची थी, लेकिन मामले में वह बच निकला। इस घटना के बाद वह गोरखपुर में रहने लगा। झारखंड से जुड़े साइबर फ्राॅड के मामले में उसकी गिरफ्तारी दिल्ली की क्राइम ब्रांच की टीम ने गोरखपुर से की।
गिरफ्तारी के बाद रविवार को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम अमित को हिरासत में लेकर गांव पहुंची और उसके दुकान व घर की तलाशी ली। हालांकि, कुछ ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। इसके बाद टीम अमित को साथ लेकर वापस लौट गई।