गोरखपुर में गीडा थाना क्षेत्र के पिपरी गांव के उमेश का शव नहीं मिलने पर प्रतीकात्मक पुतला बनाकर परिजनों ने रविवार को दाह संस्कार कर दिया। वहीं, दो दिन पहले एक शव मिला था, जिसे पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा है।
अब वह शव उमेश का ही है या नहीं, इसके लिए डीएनए टेस्ट होना है, जो एक लंबी प्रक्रिया है। इसी वजह से परिजनों ने अपनी ओर से उमेश को मरा मान चुके हैं और बेटे सूर्यांश ने प्रतीकात्मक पुतला को आग लगा दी।
जानकारी के मुताबिक, पिपरी गांव में दिवाली के दिन उमेश लापता हो गया। परिजनों ने तलाश की और घर से दूरी पर खून के धब्बे मिले। इसी आधार पर गांव के दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि छठ पर्व के कारण नदी में शव की तलाश बंद हुई है। पर्व समाप्त होने के बाद तलाश फिर से तलाश की जाएगी। नदी में मिले कंकाल को डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है।