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Gorakhpur: डीडीयू का बांग्लादेश की बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय से जल्द होगा समझौता, एक-दूसरे का करेंगे सहयोग

Fri, 01 Dec 2023 02:35 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेल के डायरेक्टर डॉ. रामवंत गुप्ता और कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. शरद कुमार मिश्र ने इसे लेकर पहल शुरू कर दी है। बुधवार को शेर-ए-बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के डाॅ. तुहिन सुवनो रॉय से वार्ता हुई।
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DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर विश्वविद्यालय और बांग्लादेश की शेर-ए-बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय कृषि संबंधी शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा देने में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच इसे लेकर सहमति बन गई है। जल्द इनके बीच एमओयू होने की संभावना है।

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गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेल के डायरेक्टर डॉ. रामवंत गुप्ता और कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. शरद कुमार मिश्र ने इसे लेकर पहल शुरू कर दी है। बुधवार को शेर-ए-बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के डाॅ. तुहिन सुवनो रॉय से वार्ता हुई।

इस दौरान कृषि क्षेत्र में हो रहे शोध के विषयों पर विचार विमर्श किया गया। इस निष्कर्ष पर पहुंचे की भारत और बांग्लादेश दोनों विश्वविद्यालयों में कृषि अनुसंधान की व्यापक रुचि है और सभी स्तरों पर उत्कृष्ट शिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता है।

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शेर-ए-बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय के डाॅ. मिर्जा हसनुज्जमां ने कहा कि इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य उद्योग की आवश्यकताओं और युवाओं के पास मौजूद कौशलों के बीच अंतर को पाटना व कृषि क्षेत्र में कार्यबल को मजबूत करना है।

प्रो. शरद कुमार मिश्र ने डीडीयू के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में हो रही शैक्षिक व शोध गतिविधियों के बारे में अवगत कराया और हर स्तर पर सहयोग की बात कही। प्रो. दिनेश यादव ने शोध के क्षेत्र में अपने विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे विचार साझा किए।

 
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बायोटेक्नोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गौर ने कहा कि कृषि में फसलों की खेती, जानवरों को पालने और अन्य गतिविधियों का अभ्यास है। इसमें भोजन, फाइबर, ईंधन और अन्य उत्पादों का उत्पादन शामिल है, जो मानव जीवन का समर्थन करते हैं।

इन सब के साथ शैक्षणिक, शोधकर्ता, औद्योगिक और उद्यमशील विद्यार्थी को तैयार करना है l कृषि संस्थान के शिक्षकों ने अपने-अपने शोध रुचियों के बारे में शेरे बंगला विश्वविद्यालय के अधिकारियों व वैज्ञानिकों को अवगत कराया।

डीडीयू कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि बांग्लादेश की शेर-ए-बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्य शिक्षा व शोध के क्षेत्र में जल्द आपसी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया जाएगा। यह एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

 
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