शेर-ए-बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय के डाॅ. मिर्जा हसनुज्जमां ने कहा कि इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य उद्योग की आवश्यकताओं और युवाओं के पास मौजूद कौशलों के बीच अंतर को पाटना व कृषि क्षेत्र में कार्यबल को मजबूत करना है।
प्रो. शरद कुमार मिश्र ने डीडीयू के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में हो रही शैक्षिक व शोध गतिविधियों के बारे में अवगत कराया और हर स्तर पर सहयोग की बात कही। प्रो. दिनेश यादव ने शोध के क्षेत्र में अपने विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे विचार साझा किए।
बायोटेक्नोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गौर ने कहा कि कृषि में फसलों की खेती, जानवरों को पालने और अन्य गतिविधियों का अभ्यास है। इसमें भोजन, फाइबर, ईंधन और अन्य उत्पादों का उत्पादन शामिल है, जो मानव जीवन का समर्थन करते हैं।
इन सब के साथ शैक्षणिक, शोधकर्ता, औद्योगिक और उद्यमशील विद्यार्थी को तैयार करना है l कृषि संस्थान के शिक्षकों ने अपने-अपने शोध रुचियों के बारे में शेरे बंगला विश्वविद्यालय के अधिकारियों व वैज्ञानिकों को अवगत कराया।
डीडीयू कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि बांग्लादेश की शेर-ए-बांग्ला कृषि विश्वविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्य शिक्षा व शोध के क्षेत्र में जल्द आपसी समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया जाएगा। यह एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।