गोरखपुर विश्वविद्यालय (जीयू) एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक अंतिम वर्ष और परास्नातक अंतिम सेमेस्टर की बची परीक्षाएं एक सितंबर से शुरू हो सकती हैं। परीक्षा में भीड़ न हो, इसके लिए एक पाली में ही परीक्षा कराने पर विचार चल रहा है।
अगर ऐसा होता है तो परीक्षाओं में विद्यार्थियों को तैयारी के लिए गैप मिल जाएगा। परीक्षा विभाग की ओर से समिति द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना सोमवार को कुल सचिव के जरिए शासन को भेजी जाएगी।
शासन के निर्देश पर परीक्षा और प्रोन्नत को लेकर परीक्षा विभाग और गठित समिति ने चार दिनों के मंथन के बाद कार्ययोजना तैयार कर ली है। परीक्षा को लेकर भी शेड्यूल बना लिया गया है। पहले परीक्षा तीन या छह सितंबर से कराने पर विचार चल रहा था, लेकिन बाद में एक सितंबर पर मुहर लगी है।
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ऐसा करने के पीछे परीक्षाओं में गैप देने की मंशा है। परीक्षा में भीड़ जुटे इसपर भी समिति ने ध्यान दिया है। यही वजह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन एक ही पाली में परीक्षा कराना चाहता है। अब सिर्फ अंतिम सेमेस्टर एवं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं होनी हैं, तो विद्यार्थियों की संख्या भी पहले से काफी कम हो जाएगी। कई प्रश्नपत्रों की परीक्षाएं भी पूर्व में हो चुकी हैं।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र सिंह ने कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए प्रोन्नत और परीक्षा की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। सोमवार को एक बार फिर उसका अध्ययन करके कुलसचिव को सौंप दिया जाएगा। कुलसचिव उसे शासन को भेजेंगे।