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गोरखपुर की अमरुतानी की कहानी: बहू स्मैक के साथ पकड़ी गई...शादी के बाद और बढ़ाया धंधा

Tue, 09 Jan 2024 10:59 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

स्मैक के अवैध धंधे में मंजू के साथ उसका बेटा सुधीर, बेटी माला, बहू वंदना सब शामिल हैं। परिवार का हाल देखे तो सब अब रुपयों से संपन्न हो चुके हैं। लेकिन, जितनी भी शादियां हुई हैं, वह सभी कभी न कभी जेल गए हैं।
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किशुन कुमारी उर्फ पंडिताइन ने की थी स्मैक की शुरुआत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मंजू की बहू वंदना मऊ में कुछ वर्ष पहले 26 लाख के स्मैक के साथ पकड़ी गई थी। परिवार को करीब से जानने वाले ही बताते हैं, वंदना का रिश्ता जैसे ही बेटे सुधीर के लिए आया था, उसने हां कर दिया था। इसके बाद कच्ची शराब के धंधे से मंजू ने पूरी तरह से तौबा कर लिया और फिर बहू वाले नेटवर्क के जरिए वाराणसी से स्मैक की खेप आने लगी। इस तरह बहू ने ससुराल का काला धंधा और आगे बढ़ा दिया।

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महिलाओं की मदद से इसे आसानी से लाकर गोरखपुर में खपाया जाता है। एक पुड़िया 300 से पांच सौ रुपये में बेचकर इस परिवार ने टूटे घर से आलीशान मकान बनवा लिया। तीन लग्जरी गाड़ी दरवाजे पर खड़ी होने लगी। इतना ही नहीं, अब परिवार की तैयारी थी कि राजनीतिक चोला ओढ़कर पूरी तरह से अवैध साम्राज्य को वैध कर दिया जाए।

जानकारी के मुताबिक, स्मैक के अवैध धंधे में मंजू के साथ उसका बेटा सुधीर, बेटी माला, बहू वंदना सब शामिल हैं। परिवार का हाल देखे तो सब अब रुपयों से संपन्न हो चुके हैं। लेकिन, जितनी भी शादियां हुई हैं, वह सभी कभी न कभी जेल गए हैं। ये सब कुछ जानकर होता है या फिर ऐसे ही लोग आपस में शादी करते हैं, इसकी सटीक जानकारी तो किसी के पास नहीं है।
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सबसे बड़ी बात यह कि स्मैक के धंधे को पनपाने के लिए महिलाएं आगे आ जाती हैं। पुलिस जब जाती भी थी तो महिलाएं सामने आ जाती थीं। इतने में पीछे के रास्ते स्मैक को ठिकाने लगा दिया जाता था। पहली बार जब एसपी सिटी ने कार्रवाई कराई तो महिला पुलिस साथ गई और घर के पीछे भी पुलिस का पहरा रहा।

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पंडिताइन ने की थी स्मैक की शुरुआत, सबसे पहले इसका घर ही हुआ जब्त
राजघाट थाने की हिस्ट्रीशीट नंबर 86 ए पर किशुन कुमारी उर्फ पंडिताइन का नाम दर्ज है। राजघाट के चकरा अव्वल निवासी किशुन कुमारी अब शाहपुर में रहती है। इसने ही गोरखपुर में स्मैक के धंधे की शुरुआत की थी। राजघाट थाने से गैंगस्टर की कार्रवाई भी इस पर हो चुकी है। पंडिताइन पर राजघाट के अलावा कोतवाली और शाहपुर थाने में भी केस दर्ज है। अब तक 10 मुकदमे इस पर दर्ज हो चुके हैं।

2015 में 26 लाख के स्मैक के साथ जब पंडिताइन पकड़ी गई थी तो यह बात भी सामने आई थी कि एक दीवान की सह पर उसका पूरा धंधा चलता है। पुलिस से सांठगांठ कर उसने हिस्ट्रीशीट भी बंद करा ली थी, लेकिन फिर 31 अगस्त 2022 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी गई। इसके बाद पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश पर शाहपुर में इसके आवास को जब्त कर सबसे पहली बार स्मैक माफिया पर कार्रवाई की गई थी।
 
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