सबसे बड़ी बात यह कि स्मैक के धंधे को पनपाने के लिए महिलाएं आगे आ जाती हैं। पुलिस जब जाती भी थी तो महिलाएं सामने आ जाती थीं। इतने में पीछे के रास्ते स्मैक को ठिकाने लगा दिया जाता था। पहली बार जब एसपी सिटी ने कार्रवाई कराई तो महिला पुलिस साथ गई और घर के पीछे भी पुलिस का पहरा रहा।
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पंडिताइन ने की थी स्मैक की शुरुआत, सबसे पहले इसका घर ही हुआ जब्त
राजघाट थाने की हिस्ट्रीशीट नंबर 86 ए पर किशुन कुमारी उर्फ पंडिताइन का नाम दर्ज है। राजघाट के चकरा अव्वल निवासी किशुन कुमारी अब शाहपुर में रहती है। इसने ही गोरखपुर में स्मैक के धंधे की शुरुआत की थी। राजघाट थाने से गैंगस्टर की कार्रवाई भी इस पर हो चुकी है। पंडिताइन पर राजघाट के अलावा कोतवाली और शाहपुर थाने में भी केस दर्ज है। अब तक 10 मुकदमे इस पर दर्ज हो चुके हैं।
2015 में 26 लाख के स्मैक के साथ जब पंडिताइन पकड़ी गई थी तो यह बात भी सामने आई थी कि एक दीवान की सह पर उसका पूरा धंधा चलता है। पुलिस से सांठगांठ कर उसने हिस्ट्रीशीट भी बंद करा ली थी, लेकिन फिर 31 अगस्त 2022 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी गई। इसके बाद पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम के आदेश पर शाहपुर में इसके आवास को जब्त कर सबसे पहली बार स्मैक माफिया पर कार्रवाई की गई थी।