अमरुतानी का निरीक्षण करने पहुंचे थे तत्कालीन ADG अखिल कुमार एवं SP सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, अमरूतानी में किशुन कुमारी पंडिताइन ने 2001 में स्मैक का धंधा शुरू कर दिया था। पहले तो उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में वह जेल गई, लेकिन फिर भी पुलिस उसका साथ दे रही थी। उसने अपनी हिस्ट्रीशीट तक बंद करा ली थी और बाद में अमरूतानी छोड़कर शाहपुर इलाके में चली गई। इसके बाद ही मंजू चोरी और कच्ची शराब को छोड़कर इस धंधे में आ गई।
पुलिस की नजर पड़ी तो मंजू निषाद अब राजघाट थाने की हिस्ट्रीशीटर है। वह नशे के साथ ही चोरी के आरोप में भी जेल जा चुकी है। पति छेदी निषाद की मौत के बाद धंधे में उतरी मंजू पर 16 केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर, चोरी के केस दर्ज हैं, इसमें सात एनडीपीएस के हैं।
अपराध में संलिप्त होने के बावजूद इसकी हिस्ट्रीशीट नहीं खोली जा रही थी। एसएसपी के आदेश पर 21 सितंबर को हिस्ट्रीशीट राजघाट पुलिस ने खोल दी और अब इसकी निगरानी भी की जा रही है। पुलिस अपराध से कमाई गई उसकी संपत्ति पर भी नजर रखी है। उसका भी ब्योरा जुटाकर गैंगस्टर की कार्रवाई कर 34 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त कर लिया गया है।
अमरुतानी का निरीक्षण करने पहुंचे थे तत्कालीन ADG अखिल कुमार एवं SP सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई।
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दिन में सड़क पर सोए युवक को देखा...फिर जड़ तक पहुंचे थे एसपी सिटी
एसपी सिटी के मुताबिक, सड़क पर एक युवक को सोए हुए देखा तो उसे अस्पताल भिजवाया। पुलिस आई तो उसने यही बताया कि स्मैकिया है, साहब ऐसे रोज यहां पर मिलते हैं। इसी के बाद एसपी ने कुछ भरोसेमंद पुलिस वालों को वहां पर लगाया और जानकारी जुटाई। फिर अप्रैल में वह खुद सादी वर्दी में बाइक से अमरूतानी के अंदर गए। आम आदमी की तरह घूमते हुए स्मैक और कच्ची शराब के धंधेबाजों को चिह्नित किया।
इसके बाद मंजू का नाम सामने आया। उस समय उसका बेटा सुधीर पार्षद चुनाव की तैयारी में लगा था। वह चुनाव में आ पाता, इसके पहले ही एसपी ने कार्रवाई शुरू कर दी। मंजू, सुधीर उसकी बेटी माला पर केस दर्ज हुए, जेल गए। हिस्ट्रीशीट भी खोल दी गई। इसके बाद ही एक नई पुलिस चौकी अमरूतानी में खोली गई। अब पुलिस की रिपोर्ट के बाद अवैध धन से अर्जित मकान, दुकान समेत 34 करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया गया। इतना ही नहीं बाइक, कार को जब्त कर पुलिस ने स्मैक माफिया को पैदल कर दिया।
मंजू के संपत्ति को कुर्क करने पहुंची पुलिस एवं प्रसाशन की टीम
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चौकी खोली, तब सामने आया धंधेबाजाें का सच
नशे के इस काले धंधे की ओर पुलिस ने जब भी ध्यान दिया तो जेहन में उगाही ही रही, लेकिन पहली बार एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने आने के साथ ही बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने ऑपरेशन अमरूतानी चलाया तो धंधेबाजाें में खलबली मच गई। फिर पंडिताइन की 13.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क कराने के अलावा पुलिस ने दूसरे धंधेबाजाें की कुंडली तैयार की। धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए अमरूद मंडी नाम से एक नई पुलिस चौकी खोली गई। फिर पुलिस वालों पर भी नजर रखने के लिए एसपी सिटी ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया। इतनी मशक्कत के बाद पूरा धंधा सामने आया और आरोपी जेल गए। अब गैंगस्टर के तहत उनकी संपत्तियों को जब्त किया गया।
अमरुतानी में प्लाटिंग।
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