करीब एक महीने से बड़ौदा यूपी बैंक के खाताधारक परेशान हैं। न किसान सम्मान निधि आ रही है और न गन्ना मूल्य। कई खाताधाराकों की पेंशन भी नहीं आ रही है। बड़ौदा यूपी बैंक में डाटा माइग्रेशन के बाद पूर्ववर्ती पूर्वांचल बैंक ग्राहकों का डिजिटल लेनदेन पूरी तरह से प्रभावित है। एटीएम कार्ड के भी काम नहीं करने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
दरअसल, विलय के बाद पूर्ववर्ती पूर्वांचल बैंक की ओर से जारी एटीएम कार्ड के पुराने पिन डिसेबल कर दिए गए हैं। वहीं खाते से आधार भी डी-लिंक होने से सरकारी सुविधाओं के लाभ से भी किसान व ग्राहक वंचित हैं। धान की बिक्री से प्राप्त होने वाली राशि का भी पता नहीं लग पा रहा है। किसान सम्मान राशि के 2000 रुपये भी बड़ौदा यूपी बैंक के ग्राहकों को छोड़कर सभी के खातों में क्रेडिट हो गई है।
दुकानदारों को झेलनी पड़ रही है मुसीबत
बैंक के पुराने आईएफएससी कोड पर मंगाए गए रुपये भी फंस जा रहे हैं। जिन दुकानदारों ने डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए यूपीआई बनाई थी, लेनदेन नहीं होने की वजह से उनकी स्थिति भी खराब है। ग्राहकों के खाते से भुगतान हो चुका है, लेकिन दुकानदार के बड़ौदा यूपी बैंक के खाते में क्रेडिट न होकर 24 घंटे में फिर ग्राहक के खाते में लौट जा रहा है। इस तरह से हजारों का चूना बैंक के ग्राहकों (दुकानदारों) को लग गया है।