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गोरखपुर: प्रतिमा विसर्जन की भीड़, निर्माणों से उड़ी धूल ने बिगाड़ी हवा की सेहत, रखें ख्याल

Fri, 27 Oct 2023 02:40 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

16 अक्तूबर को हुई बारिश से एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारक) धुल गए। इसके बाद हवा की गुणवत्ता सुधरी। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अच्छा और संतोषजनक हो गया। 16 अक्तूबर को 162 एक्यूआई दर्ज किया गया था। इसके बाद से लेकर 23 अक्तूबर तक हवा की गुणवत्ता संतोषजनक बनी रही।
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गाड़ियों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल से राहगीरों को कर रही परेशान। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दशहरे के बाद शहर की आबोहवा फिर से बिगड़ने लगी है। शहर में ज्यादातर जगहों पर निर्माण कार्य चल रहा है। देवी दर्शन और विसर्जन के लिए भारी भीड़ सड़कों पर आ गई। गाड़ियों की आवाजाही अधिक हुई तो धूल के कण भी उड़ने लगे। इसका असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है।

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जो हवा सप्ताह भर पहले सामान्य थी, वह अब खराब की श्रेणी में आ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आगे भी यह स्थिति बनी रहेगी। दिवाली के समय स्थिति और खतरनाक हो जाएगी। ऐसे में हृदय व सांस के रोगियों को खास सावधानी बरतनी होगी।

16 अक्तूबर को हुई बारिश से एयर पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारक) धुल गए। इसके बाद हवा की गुणवत्ता सुधरी। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अच्छा और संतोषजनक हो गया। 16 अक्तूबर को 162 एक्यूआई दर्ज किया गया था। इसके बाद से लेकर 23 अक्तूबर तक हवा की गुणवत्ता संतोषजनक बनी रही। 24 अक्तूबर से इसमें बदलाव शुरू हुआ। यह मॉडरेट होने लगी। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों से निकलने वाला धुंआ, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल सहित अन्य तत्वों के कारणों से वायु की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
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त्योहार में बढ़ी चहल-पहल, खूब उड़ी धूल

पर्यावरणविद् प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि धूल उड़ने और वाहनों के प्रदूषण से एयर क्वालिटी इंडेक्स प्रभावित होता है। त्योहारों में खूब चहल पहल रहती है। शहर में सड़क सहित अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं। इस दौरान जब लोग निकले हैं तो खूब धूल उड़ी है। वाहनों का आवागमन भी बढ़ा है। उत्तर प्रदेश पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार हाल के दिनों में हवा की गुणवत्ता मॉडरेट हुई है।

शहर में जगह जगह निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन जगहों पर धूल न उड़े। इस संबंध में कार्यदायी संस्थाओं को नियमित पानी का छिड़काव करने को कहा गया है। खेतों में फसलों के अवशेष जलाने पर रोक लगाई गई है। मौसम में बदलाव हो रहा है। साथ ही वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी है। इसका असर नजर आ रहा है।-अनिल शर्मा, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी

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वायुमंडल में धूल के कण उड़ेंगे तो सांस लेने में दिक्कत होगी। इससे दमा के मरीजों को विशेष परेशानी होती है। इसके अलावा धूल के कणों से एलर्जी भी होती है, जिससे सर्दी-खांसी के मरीज बढ़ जाते हैं। इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि धूल वाले स्थानों से गुजरते वक्त अपने मुंह पर मास्क लगाएं या रुमाल रख लें, जिससे कि कम से कम परेशानी हो। - डॉ. राजेश कुमार, जनरल फिजिशियन, जिला अस्पताल
 
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इस तरह से बदली हवा की गुणवत्ता

तारीख गुणवत्ता
26 अक्तूबर 144
25 अक्तूबर 129
24 अक्तूबर 125
23 अक्तूबर 92
22 अक्तूबर 83
21 अक्तूबर 99
20 अक्तूबर 94
19 अक्तूबर 88
18 अक्तूबर 64
17 अक्तूबर 62

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एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक
0-50 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101- 200 थोड़ा खराब
201-300 खराब
301-400 अत्यंत खराब
401-500 गंभीर



 
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