कुशीनगर के डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि कमिश्नर कार्यालय के सामने शुक्रवार को आत्मदाह की कोशिश करने वाली फातिमा की मांग प्रशासन व ग्रामीणों, दोनों की नजर में नाजायज है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों भी उसने दो फीट जमीन की मांग लेकर कमिश्नर कार्यालय पर आत्मदाह की कोशिश की थी। आयुक्त के निर्देश पर दूसरे लोगों की दीवार तोड़वा कर उसे जमीन दिला दी गई। मगर अब वह और दो फीट जमीन मांग रही है। जहां जमीन मांग रही है, वहां मंदिर है।
डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि बाबूजान पुत्र इसरायल अपनी जमीन को विपक्षी शहीद पुत्र तेजू व रियासत पुत्र सहाबुद्दीन आदि से मुक्त कराने की मांग की थी। प्रकरण में संयुक्त स्थलीय जांच 22 सितंबर को उपजिलाधिकारी कसया व क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज ने की। यह तथ्य प्रकाश में आया कि बाबूजान एवं उसके विपक्षी शहीद की पुरानी निर्मित दीवार चली हुई है। जिसे बाबूजान व उसकी बहन फातिमा तोड़कर दो फीट आबादी की भूमि में बढ़ाकर निर्माण करना चाहते हैं।
ऐसा हुआ तो विपक्षी शहीद व काली मंदिर की दीवार को तोड़ना पड़ेगा। बाबूजान के पास किसी न्यायालय का कोई आदेश नहीं है। प्रशासन पर अनावश्यक दबाव डालकर इस कार्य को नियम विरुद्ध तरीके से कराना चाहते हैं। पक्षकारों को अपना-अपना दावा या पक्ष सिविल न्यायालय में दायर करने की सलाह दी गई एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत दोनों पक्षों को पाबंद भी किया था।
कुशीनगर डीएम एस राजलिंगम ने कहा कि महिला की मांग पूरी तरह से नाजायज है। वह प्रशासन पर दबाव बनाकर जमीन लेना चाहती है। यह संभव नहीं है। वह बहकावे में आकर आत्मदाह की धमकी दे रही थी कि प्रशासन दबाव में आकर जमीन दिला दे। इस मामले में प्रशासन अब आगे की कार्रवाई करेगा।