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गोरखपुर: कमिश्नरी में केरोसिन तेल गिराकर आत्मदाह करने जा रही थी महिला, कुशीनगर के डीएम बोले- नाजायज है मांग

Fri, 24 Sep 2021 09:14 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

जमीन संबंधी मामले की सुनवाई न होने का आरोप लगाकर महिला ने पहले ही आत्मदाह की दी थी धमकी, कुशीनगर के डीएम बोले, महिला की मांग नाजायज, कानून के हद में रहते हुए प्रशासन पहले ही कर चुका है मदद।
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गोरखपुर कमिश्नरी कार्यालय - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जमीन संबंधी मामले की सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कमिश्नर कार्यालय पर आत्मदाह का प्रयास करती कुशीनगर पटहेरवा की एक महिला को पुलिस ने पकड़ा है। देर शाम तक कुशीनगर पुलिस भी गोरखपुर आ गई है। महिला पुलिस उसे लेकर कैंट थाने गई है।

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इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि जांच के दौरान महिला के पास कुछ भी नहीं मिला। कुशीनगर पुलिस की सूचना पर हमारी महिला सिपाही कमिश्नर कार्यालय पर पहले से मौजूद थीं, जिसने महिला के आते ही उसे हिरासत में ले लिया। उधर कुशीनगर डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि महिला की मांग नाजायज है। कानून के हद में रहते हुए प्रशासन पहले ही उसकी मदद कर चुका है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला शुक्रवार की सुबह 11.15 बजे विकास भवन द्वार से कमिश्नरी कार्यालय की तरफ बढ़ी। पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल देखकर उसने गेट के अंदर प्रवेश करते ही कनस्तर से अपने ऊपर केरोसिन तेल उड़ेलना शुरू कर दिया। पहले से सतर्क महिला पुलिस ने दौड़कर उसे पकड़ लिया और उसके हाथ से कनस्तर दूर फेंक दिया। तलाशी लेने पर उसके पास से और कुछ नहीं मिला। महिला पुलिस उसे पकड़कर कैंट थाने ले गई। बता दें कि कुशीनगर के पटहेरवा की रहने वाली फातिमा खातून ने पूर्व में ही शुक्रवार के दिन कमिश्नरी में आत्मदाह करने की धमकी दी थी।
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कुशीनगर के डीएम ने क्या कहा

कुशीनगर के डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि कमिश्नर कार्यालय के सामने शुक्रवार को आत्मदाह की कोशिश करने वाली फातिमा की मांग प्रशासन व ग्रामीणों, दोनों की नजर में नाजायज है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों भी उसने दो फीट जमीन की मांग लेकर कमिश्नर कार्यालय पर आत्मदाह की कोशिश की थी। आयुक्त के निर्देश पर दूसरे लोगों की दीवार तोड़वा कर उसे जमीन दिला दी गई। मगर अब वह और दो फीट जमीन मांग रही है। जहां जमीन मांग रही है, वहां मंदिर है।

डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि बाबूजान पुत्र इसरायल अपनी जमीन को विपक्षी शहीद पुत्र तेजू व रियासत पुत्र सहाबुद्दीन आदि से मुक्त कराने की मांग की थी। प्रकरण में संयुक्त स्थलीय जांच 22 सितंबर को उपजिलाधिकारी कसया व क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज ने की। यह तथ्य प्रकाश में आया कि बाबूजान एवं उसके विपक्षी शहीद की पुरानी निर्मित दीवार चली हुई है। जिसे बाबूजान व उसकी बहन फातिमा तोड़कर दो फीट आबादी की भूमि में बढ़ाकर निर्माण करना चाहते हैं।

ऐसा हुआ तो विपक्षी शहीद व काली मंदिर की दीवार को तोड़ना पड़ेगा। बाबूजान के पास किसी न्यायालय का कोई आदेश नहीं है। प्रशासन पर अनावश्यक दबाव डालकर इस कार्य को नियम विरुद्ध तरीके से कराना चाहते हैं। पक्षकारों को अपना-अपना दावा या पक्ष सिविल न्यायालय में दायर करने की सलाह दी गई एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत दोनों पक्षों को पाबंद भी किया था।

कुशीनगर डीएम एस राजलिंगम ने कहा कि महिला की मांग पूरी तरह से नाजायज है। वह प्रशासन पर दबाव बनाकर जमीन लेना चाहती है। यह संभव नहीं है। वह बहकावे में आकर आत्मदाह की धमकी दे रही थी कि प्रशासन दबाव में आकर जमीन दिला दे। इस मामले में प्रशासन अब आगे की कार्रवाई करेगा। 
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