गोरखपुर जिले में बांसगांव तहसील से वरिष्ठ लिपिक द्वारिकाधीश को गुरुवार को एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथ घूस लेते हुए दबोच लिया। आरोपी के पास से रंगे हुए सात हजार रुपये भी बरामद कर लिए गए है। तहसील खजनी थाना क्षेत्र में पड़ने की वजह से वहीं पर केस दर्ज कराया गया है। आरोपी को पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, बांसगांव निवासी ज्ञान सिंह ने शिकायत दर्ज कराया था कि सामयिक अमीन पद पर तैनाती का नियुक्ति पत्र देने के लिए रुपये की मांग की जा रही थी। लिपिक ने सात हजार रुपये की मांग की थी। उधर, शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम गुरुवार को तहसील में पहुंच गई थी। ज्ञान सिंह द्वार लाए गए रुपयों पर लाल रंग लगाकर टीम ने वरिष्ठ लिपिक को देने को कहा।
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लिपिक ने जैसे ही रुपयों को पकड़ा वहां पर एंटी करप्शन की टीम निरीक्षक रामधारी मिश्रा की अगुवाई में पहुंच गई और रंगेहाथ रुपये लेते हुए पकड़ लिया। टीम घूसखोर द्वारिकाधीश को लेकर खजनी थाने पहुंची जहां पर कानूनी कार्रवाई पूरी की गई है। बता दे कि इसके पहले भी आम लोगों से रुपयों की वसूली का वीडियो भी वायरल हुआ था।
एक पीड़ित ने मुख्यमंत्री के पोट्ल पर इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी। उसकी जांच भी चल रही है लेकिन उसकी कार्रवाई पूरी होने से पहले ही रंगेहाथ द्वारिकाधीश पकड़ लिए गए। एंटी करप्शन टीम में शिव मोहन यादव, चंद्रेश यादव, अशोक कुमार, शैलेंद्र सिंह, विजय नारायण शामिल थे।